➤ हिमाचल में बारिश से तबाही, 317 सड़कें, 259 जल योजनाएं और 360 ट्रांसफार्मर प्रभावित
➤ मंडी और चंबा में भूस्खलन का कहर, स्कूल-आंगनबाड़ी बंद, दर्जनों रास्ते बाधित
➤ अब तक 1,766 घर, 1,313 गोशालाएं क्षतिग्रस्त, 173 की मौत, नुकसान 1,626 करोड़ के पार
हिमाचल प्रदेश में लगातार जारी भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार सुबह तक राज्य भर में 317 सड़कें बंद, 360 बिजली ट्रांसफार्मर और 259 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। इनमें सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखा गया, जहां 174 सड़कें बंद हैं। चंबा जिले में 142 ट्रांसफारमर ठप हैं, जबकि कांगड़ा में 134 जल योजनाएं बाधित हुई हैं।
#WATCH | Himachal Pradesh: Chandigarh-Manali National Highway blocked in Mandi following a landslide near the Pandoh Dam. Continuous rainfall since last night is believed to have triggered the slide: Sakshi Verma, SP Mandi
Authorities are on the spot and are working to clear the… pic.twitter.com/PAKeFGPcWw
— ANI (@ANI) August 1, 2025
किरतपुर-मनाली फोरलेन पर समलेटू के पास भूस्खलन के चलते यातायात बंद हो गया है और वाहनों को पुराने नौणी-स्वारघाट मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है। वहीं, पंडोह बांध के पास चंडीगढ़-मनाली हाईवे भी भूस्खलन से बंद हो गया है। प्रशासन ने मलबा हटाने और यातायात बहाली के प्रयास तेज कर दिए हैं।
शाहपुर विधानसभा के सारना गांव में भूस्खलन से 8 कमरों का मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। सौभाग्य से किसी को कोई चोट नहीं आई, लेकिन पूरा परिवार बेघर हो गया है और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

चंबा जिले में भारी बारिश के चलते स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत 45 मार्ग बंद हैं। चंबा-तीसा, नकरोड़-चांजू, और कथलग-भरेरा मार्ग भी भूस्खलन के कारण बाधित हैं। जिले में 20 ट्रांसफार्मर बंद होने से ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप है।
मंडी-कुल्लू मार्ग पर कैंची मोड़ के पास सड़क फिर से धंसने लगी है, जिससे चंडीगढ़-मनाली फोरलेन फिर खतरे में आ गया है। स्थानीय लोगों ने बार-बार मरम्मत की जगह भूवैज्ञानिक अध्ययन कर स्थायी समाधान की मांग की है। यह मार्ग बंद हो चुका है।
राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 20 जून से 31 जुलाई 2025 के बीच राज्य में 173 लोगों की मौत, 281 घायल, और 36 लोग लापता हुए हैं। 78 लोग सड़क हादसों में मारे गए, जबकि 1,766 मकान व दुकानें, 1,313 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,410 पालतु पशुओं की मौत हुई है और कुल नुकसान 1,62,619.89 लाख रुपये (यानि 1,626 करोड़ रुपये से अधिक) तक पहुंच गया है।
प्रदेश सरकार और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के चलते स्थिति सामान्य होने में वक्त लग सकता है।



