➤ शिमला में देवदार के दो पेड़ गिरे, दो घंटे बाधित रहा ट्रैफिक
➤ पठानकोट-चंबा-भरमौर NH 24 घंटे बाद भी पूरी तरह बहाल नहीं
➤ पांच जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आज सुबह करीब 6:30 बजे मौसम ने एक बार फिर मुश्किलें खड़ी कर दीं। सर्कुलर रोड पर टॉलेंड के पास देवदार के दो पेड़ गिरने से करीब दो घंटे तक यातायात ठप रहा। राहत की बात यह है कि पेड़ों को काटकर ट्रैफिक बहाल कर दिया गया, लेकिन सुबह के वक्त दफ्तर और स्कूल जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी बीच पंजाब और हिमाचल को जोड़ने वाला अहम मार्ग पठानकोट-चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) भी 24 घंटे बाद पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है। दुनेरा के पास सड़क को अभी केवल छोटे वाहनों के लिए वन-वे खोला जा सका है, जिससे यातायात सुचारू होने में वक्त लग सकता है।
मौसम विभाग शिमला ने आज भी पांच जिलों – बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर – में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में लैंडस्लाइड, बाढ़ और जलभराव जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। यही नहीं, कल भी इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि ऊना, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू और सोलन में आज और कल येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 अगस्त से मानसून थोड़ा कमजोर पड़ेगा, लेकिन ऊना, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। अन्य जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है।
इस बार का मानसून औसत से 13% ज्यादा बारिश लेकर आया है। आंकड़ों के मुताबिक 20 जून से 12 जुलाई के बीच सामान्यत: 473 मिमी बारिश होती है, जबकि इस बार 535.9 मिमी पानी बरसा। सबसे ज्यादा बारिश शिमला जिला में हुई है, जहां सामान्य से 73% अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा मंडी में 57%, बिलासपुर में 40%, हमीरपुर में 44%, कुल्लू में 39%, सिरमौर में 18%, सोलन में 31%, ऊना में 46%, कांगड़ा में 6% और किन्नौर में 1% ज्यादा बारिश हुई है। हालांकि चंबा में 9% कम और लाहौल-स्पीति में 67% कम बारिश हुई है।
इस मानसून सीजन ने 229 लोगों की जान ले ली है, जबकि 36 लोग अभी भी लापता हैं। इस दौरान 499 घर पूरी तरह ढह गए और 1,578 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त है और लोग प्रशासन से त्वरित राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं।



