➤ हिमाचल में मानसून कमजोर, अगले तीन दिन बारिश का अलर्ट नहीं
➤ इस सीजन में शिमला-कुल्लू में दोगुनी बारिश, बाकी जिलों में भी सामान्य से ज्यादा
➤ अब तक 3979 करोड़ की संपत्ति नष्ट, 1087 सड़कें और हजारों बिजली-पानी योजनाएं प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में मानसून अब कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों के लिए प्रदेश में किसी भी तरह की भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। विभाग के मुताबिक, इस दौरान मौसम साफ और सामान्य रहेगा, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इससे आपदा से जूझ रहे प्रदेशवासियों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
इस मानसून सीजन में प्रदेश ने सामान्य से कहीं अधिक बारिश झेली है। आंकड़ों के अनुसार, कुल्लू में 116% और शिमला में 113% अधिक बारिश दर्ज की गई। इसी तरह सोलन में 78%, बिलासपुर में 77%, चंबा में 35%, हमीरपुर में 51%, कांगड़ा में 16%, किन्नौर में 41%, मंडी में 70%, सिरमौर में 49% और ऊना में 73% ज्यादा बारिश हुई।
लेकिन यह बारिश अपने साथ भारी तबाही भी लेकर आई। अब तक प्रदेश में 3979 करोड़ रुपए की संपत्ति नष्ट हो चुकी है। इनमें निजी और सरकारी संपत्तियां शामिल हैं। चार राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 1087 सड़कें अब भी बंद हैं, जबकि 2838 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 509 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।
मानसून के दौरान प्रदेश ने 133 भूस्खलन, 95 बाढ़ और 45 बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया। इन घटनाओं में 1078 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए और 4584 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में मौसम के साफ रहने से सड़क बहाली और पुनर्निर्माण कार्यों को गति मिलेगी। प्रदेश सरकार और प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि इस व्यापक तबाही के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर और जनता की मूलभूत सुविधाओं को जल्द बहाल किया जाए।



