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अल्ज़ाइमर एवं डिमेंशिया जैसे मानसिक रोगों के प्रति समाज की जागरूकता पर मंथन

हेल्पएज इंडिया ने शिमला में विश्व अल्ज़ाइमर दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अल्ज़ाइमर और डिमेंशिया पर जानकारी साझा की
वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम हुआ सफल


 हेल्पएज इंडिया के रीजनल रिसोर्स एंड ट्रेनिंग सेंटर, शिमला द्वारा विश्व अल्ज़ाइमर दिवस के अवसर पर शोगी, शिमला में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अल्ज़ाइमर एवं डिमेंशिया जैसे मानसिक रोगों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना और बुजुर्गों की देखभाल को लेकर संवाद को प्रोत्साहित करना रहा।

इस आयोजन में लगभग 150 प्रतिभागियों, जिनमें वरिष्ठ नागरिक और छात्र शामिल थे, ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली और उद्देश्यपूर्ण बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, कोट गेहा के छात्रों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके पश्चात डॉ. राजेश कुमार, राज्य प्रमुख, हेल्पएज इंडिया (हिमाचल प्रदेश एवं लद्दाख) ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. आर.सी. ठाकुर, वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट एवं पूर्व विभागाध्यक्ष (न्यूरोलॉजी), आईजीएमसी शिमला ने अल्ज़ाइमर रोग की चिकित्सकीय जटिलताओं, लक्षणों और देखभाल के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। उनके विचारों ने श्रोताओं को इस रोग की गंभीरता और समय पर पहचान की आवश्यकता से अवगत कराया।

इसके बाद डॉ. निर्मल नेगी, मनोवैज्ञानिक ने अल्ज़ाइमर एवं डिमेंशिया के मानसिक प्रभावों पर प्रकाश डाला और देखभालकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में कोट पंचायत के पूर्व प्रधान हीरा नंद शांडिल्य ने भी अपने विचार साझा किए और ग्रामीण समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही छात्रों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य और पंजाबी नृत्य ने सांस्कृतिक विविधता का शानदार प्रदर्शन किया और कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।

अंत में डॉ. राजेश कुमार ने समापन सत्र एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

यह आयोजन दर्शाता है कि कैसे हेल्पएज इंडिया सामाजिक सहयोग, चिकित्सा विशेषज्ञता और युवाओं की भागीदारी के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य और बुजुर्गों की देखभाल के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।