➤ हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी ईसी मीटिंग से पहले SFI ने विधायक हरीश जनारठा का घेराव किया
➤ पुलिस और छात्रों में धक्का-मुक्की, एक छात्र घायल
➤ शिक्षकों ने भी 24 घंटे के अनशन में काले झंडे पहनकर जताया विरोध
हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में शनिवार को कार्यकारी परिषद (EC) की बैठक से पहले माहौल गरमा गया। बैठक शुरू होने से पूर्व स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के कार्यकर्ताओं ने शिमला शहरी विधायक और ईसी सदस्य हरीश जनारठा का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसमें एक छात्र कार्यकर्ता को हल्की चोटें आईं।
SFI कार्यकर्ताओं ने स्थानीय विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह विरोध इसलिए भी तेज रहा क्योंकि बीते विधानसभा मानसून सत्र में भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने प्रदेश में छात्र संघ चुनाव शुरू करने की मांग की थी, जबकि विधायक हरीश जनारठा ने इसका विरोध किया था। प्रदेश में पिछले 7-8 सालों से छात्र संघ चुनाव पर बैन लगा हुआ है और छात्र संगठन इसकी बहाली की मांग कर रहे हैं।

इसी बीच, यूनिवर्सिटी के शिक्षक भी आंदोलनरत दिखे। हिमाचल प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ (हपुटवा) ने अपनी मांगों को लेकर 24 घंटे का क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। अनशन पर बैठे शिक्षकों ने ईसी सदस्य के सामने काले झंडे पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया। कुलपति कार्यालय के बाहर बैठकर शिक्षक विभिन्न मांगों को उठा रहे हैं, जबकि अंदर ईसी की बैठक जारी है।

संघ अध्यक्ष नितिन व्यास ने कहा कि संगठन ने बार-बार सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने का आग्रह किया, लेकिन हर बार उनकी अनदेखी की गई। इसी कारण अब संगठन ने अनशन का रास्ता अपनाया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यूनिवर्सिटी परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। छात्रों के चुनाव की मांग और शिक्षकों की समस्याओं ने मिलकर प्रशासन और सरकार दोनों पर दबाव बढ़ा दिया है।



