➤ कनाडाई पायलट मेगन एलिजाबेथ रॉबर्ट्स का शव धौलाधार की पहाड़ियों में मिला
➤ 48 घंटे बाद हिमानी चामुंडा के पास मिला शव, 12,795 फीट की ऊंचाई पर
➤ धौलाधार क्षेत्र में पांच वर्षों में 26 पैराग्लाइडिंग हादसे दर्ज
हिमाचल प्रदेश की धौलाधार की ऊंची पहाड़ियों में लापता कनाडा की 27 वर्षीय महिला पैराग्लाइडर मेगन एलिजाबेथ रॉबर्ट्स का शव बरामद कर लिया गया है। बीड़-बिलिंग से उड़ान भरने के 48 घंटे बाद सोमवार सुबह, उनका शव हिमानी चामुंडा मंदिर के पास तलन जोत क्षेत्र में मिला। यह इलाका लगभग 12,795 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जो अत्यंत दुर्गम और टेढ़ा-मेढ़ा बताया जा रहा है।
मेगन ने शनिवार को बीड़-बिलिंग घाटी से उड़ान भरी थी, जिसके बाद उनका संपर्क टूट गया। जब वह निर्धारित लैंडिंग साइट पर नहीं पहुंचीं, तो प्रशासन ने तुरंत बीड़ पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन (BPA) और स्थानीय पर्वतारोहियों के साथ मिलकर एक बचाव अभियान शुरू किया।
खोज के दौरान हिमानी चामुंडा मंदिर से उत्तर दिशा में उनका क्षतिग्रस्त ग्लाइडर मिला, जिससे हादसे की पुष्टि हुई। हेलीकॉप्टर लैंडिंग मुश्किल होने के कारण रेस्क्यू टीम के सदस्य राहुल सिंह को रस्सी के सहारे उतारा गया, जिन्होंने पूरी रात 12,800 फीट की ऊंचाई पर शव के पास अकेले बिताई।
सोमवार सुबह हेलीकॉप्टर से पाँच अन्य सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और बर्फ व चट्टानों के बीच से शव को ऊपर लाकर एयरलिफ्ट किया गया। बाद में गग्गल एयरपोर्ट लाने के बाद शव को टांडा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार, मेगन की मौत कड़ाके की ठंड और चट्टानों से गिरने के कारण हुई। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं।
अब यह शव दिल्ली स्थित कनाडा दूतावास को सौंपा जाएगा। प्रशासन ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट विदेश मंत्रालय को भेज दी है।
इस हादसे ने एक बार फिर धौलाधार क्षेत्र की खतरनाक भौगोलिक संरचना और तेजी से बदलते मौसम को लेकर सुरक्षा सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में कांगड़ा और मंडी जिलों में 26 पैराग्लाइडिंग हादसे हो चुके हैं, जिनमें 12 पायलटों की मौत हुई है।
बीड़-बिलिंग घाटी, जो विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्थल है, इन दिनों विदेशी सोलो पायलटों की मौजूदगी से गुलजार है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और बीपीए ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू कर दी है।



