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हिमाचल में बनेेंगे म्यूनिसिपल सर्विस सेंटर, केंद्र सरकार ने 47 करोड़ रुपये किए स्वीकृत

हिमाचल को म्यूनिसिपल सर्विस सेंटर के लिए 47 करोड़ स्वीकृत
23.5 करोड़ की पहली किस्त जारी
स्ट्रीट वेंडरों के लिए क्यूआर कोड से चयन


शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार की म्यूनिसिपल शेयरड सर्विस सेंटर योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को 47 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसके तहत प्रदेश के चयनित शहरों में एक ही स्थान पर सभी नगर सेवाओं की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। यहां लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, व्यापार लाइसेंस, संपत्ति कर, कचरा बिल सहित अन्य नागरिक सेवाएं मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि बीते महीने केरल में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से मुलाकात के बाद यह स्वीकृति मिली है। योजना के तहत 23.5 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्रदेश को मिल चुकी है।

उन्होंने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना पर भी चर्चा हुई। इस योजना के अंतर्गत 20,000 रुपये तक का ऋण स्ट्रीट वेंडरों को प्रदान किया जा रहा है। हिमाचल में अभी तक 3,500 वेंडरों को 19 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। हालांकि अन्य राज्यों की अपेक्षा हिमाचल का प्रदर्शन कमजोर रहा है, जहां 20-25 हजार वेंडरों को लाभ मिला है।

इसके लिए अधिकारियों को शिमला, मनाली, धर्मशाला, बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में अधिक स्ट्रीट वेंडर चयन के निर्देश दिए गए हैं। चयन में क्यूआर कोड पंजीकरण प्रणाली का उपयोग होगा, ताकि किसी तरह का विवाद न हो।


ठियोग में एनएच टारिंग की जांच के आदेश

ठियोग में नेशनल हाईवे पर हो रही टारिंग की गुणवत्ता को लेकर शिकायतों के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने बताया कि सड़क के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिसके लिए उन्होंने स्वयं केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की थी। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण के दौरान विभागीय इंजीनियर की मौजूदगी अनिवार्य होगी। लापरवाही पर ठेकेदार व इंजीनियर दोनों पर कार्यवाही होगी।