➤ सहिल डडवाल और अभिषेक गुलेरिया बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
➤ राहुल पटियाल, अभिनंदन ठाकुर, परीक्षित शर्मा और ऐशिता का सेना-वायुसेना में चयन
➤ साधारण परिवारों से निकलकर युवाओं ने देश सेवा का सपना किया साकार
Himachal Youth Success Story के तहत हिमाचल प्रदेश के युवाओं ने एक बार फिर देश सेवा में अपना परचम लहराया है। भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून और भारतीय वायुसेना में चयन के बाद विभिन्न जिलों में खुशी और गर्व का माहौल है।
नगरोटा बगवां निवासी साहिल डडवाल ने भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से प्रशिक्षण पूरा कर लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया। पासिंग आउट के बाद नादौन के बेला गांव में उत्साह का माहौल है। साहिल के पिता संजीव डडवाल सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार हैं, जबकि दादा भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं। साहिल ने जमा दो की शिक्षा योल कैंट से पूरी की और एनडीए में चयनित होकर यह मुकाम हासिल किया।
घुमारवीं, ऊना और सिरमौर के युवाओं की बड़ी उपलब्धि
उपमंडल घुमारवीं की चोखना धार पंचायत के राहुल पटियाल ने भी भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होकर लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। उन्होंने एनडीए टेक्निकल एंट्री में ऑल इंडिया 53वीं रैंक हासिल की थी। उनके दादा सेना से ऑनरेरी सूबेदार मेजर पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
ऊना जिले के गगरेट क्षेत्र के दियोली गांव निवासी अभिनंदन ठाकुर का चयन भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के लिए हुआ है। फाइनल मेरिट सूची में उन्होंने ऑल इंडिया तीसरा स्थान प्राप्त किया है। अभिनंदन 28 दिसंबर को एयरफोर्स सेंटर सिकंदराबाद में ज्वाइन करेंगे।
किसान परिवारों के बेटों ने छुआ आसमान
सिरमौर जिले के नौहराधार क्षेत्र के चाढ़ना निवासी परीक्षित शर्मा अब वायुसेना में फाइटर जेट उड़ाएंगे। एनडीए परीक्षा में पहले असफल होने के बाद उन्होंने दोबारा प्रयास कर सफलता हासिल की। हाल ही में उन्होंने जमा दो में जिला प्रथम स्थान भी प्राप्त किया था।
झंडूता उपमंडल की घंडीर पंचायत के अभिषेक गुलेरिया ने भी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर किसान परिवार का मान बढ़ाया। उनके दादा और बड़े भाई सेना से जुड़े रहे हैं। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी।
बेटियों ने भी बढ़ाया हिमाचल का गौरव
कांगड़ा जिले की नूरपुर निवासी ऐशिता का चयन भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में हुआ है। उन्होंने अखिल भारतीय मेरिट सूची में 12वां स्थान प्राप्त किया। ऐशिता के पिता वायुसेना में सेवाएं दे रहे हैं और परिवार की पीढ़ियों का सपना अब साकार हुआ है।
इन सभी युवाओं की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर हिमाचल के युवा देश सेवा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं।



