➤ दिल्ली में केवल BS-6 वाहनों को एंट्री, HRTC बस सेवाएं अप्रभावित
➤ BS-4 ट्रक और टैक्सियों पर रोक से माल ढुलाई व रोज़गार प्रभावित
शिमला: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण और हेल्थ इमरजेंसी के मद्देनज़र लागू सख्त नियमों का असर हिमाचल के परिवहन तंत्र पर भी दिख सकता है। दिल्ली में केवल BS-6 वाहनों को एंट्री से HRTC बस सेवाएं अप्रभावित रहेंगी। जबकि BS-4 ट्रक और टैक्सियों पर रोक से माल ढुलाई व रोज़गार प्रभावित होगा। बता दें कि दिल्ली सरकार के फैसले के तहत अब केवल BS-6 मानकों वाले वाहनों को ही राजधानी में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।
इस फैसले से हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) को राहत मिली है। निगम पहले से ही दिल्ली के सभी 119 रूटों पर BS-6 बसें चला रहा है, इसलिए बस सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। HRTC प्रबंधन के अनुसार दिल्ली रूट पर संचालन पूरी तरह सामान्य रहेगा।
हालांकि, ट्रक और टैक्सी सेक्टर के लिए स्थिति कठिन हो गई है। चंबा, हमीरपुर, ऊना, मंडी, बिलासपुर और धर्मशाला सहित कई जिलों में बड़ी संख्या में BS-4 ट्रक और टैक्सियां पंजीकृत हैं, जिनकी दिल्ली में एंट्री बंद हो गई है। इससे माल ढुलाई, खासकर कृषि उपज और फल-सब्जियों की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है।
ट्रक यूनियनों के अनुसार, कई ट्रकों को अब कुंडली बॉर्डर जैसे स्थानों पर ही सामान उतारना पड़ेगा। आजादपुर मंडी तक सीधी पहुंच न होने से सेब, आलू, मटर और अन्य सब्जियों की ढुलाई महंगी और जटिल हो सकती है। इससे बागवानों और किसानों की आमदनी पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
परिवहन संगठनों का कहना है कि प्रदेश में अभी भी अधिकांश ट्रक BS-4 श्रेणी के हैं, जबकि BS-6 ट्रकों की संख्या सीमित है। ऐसे में दिल्ली में सख्ती लंबे समय तक जारी रही, तो सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्ट कारोबार को बड़ा झटका लग सकता है।



