➤ IGMC शिमला सहित प्रदेश में डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, OPD और रूटीन ऑपरेशन बंद
➤ DMER ने जारी की SOP, इमरजेंसी सेवाएं और आपात ऑपरेशन जारी रखने के निर्देश
➤ RDA को HMOA और SAMDCOT का समर्थन, लगभग 3000 डॉक्टर हड़ताल में शामिल
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर गंभीर संकट की ओर बढ़ गई हैं। IGMC शिमला के रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की OPD सेवाएं और रूटीन ऑपरेशन पूरी तरह बंद हो गए हैं। मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ रहा है या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
हड़ताल के बीच मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट (DMER) ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी सेवाएं और आपातकालीन ऑपरेशन जारी रहेंगे। विभाग ने मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि पढ़ाई और आवश्यक उपचार बाधित न हों।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मांगें मानने के आश्वासन के बावजूद डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इससे प्रदेशभर में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) के समर्थन में अब हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स (SAMDCOT) भी उतर आए हैं। इसके चलते लगभग 3000 डॉक्टरों के हड़ताल में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
हड़ताल की जड़ 22 दिसंबर को IGMC में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई मारपीट की घटना है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जांच रिपोर्ट में डॉक्टर और मरीज दोनों को दोषी बताया गया, जिसके बाद सरकार ने संबंधित डॉक्टर को टर्मिनेट कर दिया। इसी कार्रवाई के विरोध में डॉक्टर आंदोलन पर उतर आए हैं। मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी पहुंच चुका है और AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों ने भी समर्थन जताया है।

❓ क्या है पूरा मामला
22 दिसंबर को IGMC शिमला के पल्मोनरी विभाग में डॉक्टर और मरीज के बीच विवाद हुआ, जो मारपीट में बदल गया।
23 दिसंबर को जांच के आदेश दिए गए और 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपी गई।
24 दिसंबर को डॉक्टर को सेवा से हटाया गया।
26 दिसंबर को डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर रहे।
27 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू।
🩺 डॉक्टरों की प्रमुख मांगें
➤ टर्मिनेशन आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए
➤ IGMC परिसर में डॉक्टरों को डराने-धमकाने वालों पर FIR दर्ज हो
➤ जान से मारने की धमकी देने वाले व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई हो
➤ अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए



