➤ 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीनियर सिटीजन ओपीडी शुरू
➤ आईजीएमसी, टांडा, हमीरपुर, नेरचौक में बोन मैरो ट्रांसप्लांट अधोसंरचना को मंजूरी
➤ रोबोटिक सर्जरी और एआई स्मार्ट लैब से स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यवस्था परिवर्तन की नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, आधुनिक और संवेदनशील बनाने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीनियर सिटीजन ओपीडी शुरू की गई हैं। ये विशेष परामर्श स्लॉट प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में क्रियाशील हो चुके हैं, जिससे बुजुर्गों को लंबी कतारों से राहत मिली है और समयबद्ध इलाज सुनिश्चित हुआ है।
विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को सशक्त करने के लिए आईजीएमसी शिमला, मेडिकल कॉलेज टांडा, हमीरपुर, नेरचौक और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशलिटी आयुर्विज्ञान, चमियाणा में बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) अधोसंरचना स्थापित करने हेतु प्रत्येक संस्थान को पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है।
इसके साथ ही आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में एआई सुविधा से लैस स्मार्ट लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे जांच प्रक्रियाओं में स्वचालन बढ़ेगा और मरीजों की प्रतीक्षा अवधि में उल्लेखनीय कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल इंस्टीट्यूट, चमियाणा में एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर की स्थापना की जा रही है, ताकि प्रदेश में ही विश्वस्तरीय बाल चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकें। इसके अतिरिक्त 21 दिसंबर से पल्स पोलियो अभियान चलाकर घर-घर जाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया है, जिससे मरीजों को उन्नत उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो चुकी है और वर्ष 2026 की शुरुआत तक सभी मेडिकल कॉलेजों में इस सुविधा के विस्तार की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दुर्गम से लेकर शहरी क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। एआई आधारित जांच प्रणाली, विशेषज्ञ वृद्धावस्था देखभाल और आधुनिक तकनीक हिमाचल को एक आदर्श हेल्थ स्टेट के रूप में स्थापित कर रही हैं।



