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कांगड़ा में जल योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, 354 पेयजल स्कीमों पर 3240 करोड़ स्वीकृत


➤ कांगड़ा जिला में पेयजल, सिंचाई और सीवरेज योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
➤ 354 पेयजल योजनाओं पर 3240 करोड़, सीवरेज पर 433 करोड़ की स्वीकृति
➤ सुकाहार और फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा


धर्मशाला में आयोजित समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को कांगड़ा जिला में चल रही पेयजल, सिंचाई और सीवरेज योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में कांगड़ा जिला में 354 पेयजल योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिन पर लगभग 3240 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है। इसके साथ ही विभिन्न शहरों में लागू की जा रही सीवरेज योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैजनाथ, पालमपुर, नगरोटा, कांगड़ा, नुरपुर, ज्वाली, देहरा, धर्मशाला और ज्वालाजी के लिए करीब 433 करोड़ रुपये की सीवरेज योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

एडीबी प्रोजेक्ट के तहत 39 पंचायतों में बेहतर पेयजल योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। वहीं जल जीवन मिशन के तहत 222 योजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनके लिए 1005.04 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इनमें से 162 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं जबकि 60 पर कार्य जारी है। शहरी क्षेत्रों के लिए 6 योजनाओं पर 169.06 करोड़ स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 82.61 करोड़ खर्च हो चुके हैं।

सिंचाई क्षेत्र में फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई योजना के लिए 300 करोड़ तथा ज्वाली क्षेत्र की सुकाहार मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 213.40 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। पालमपुर में केएफडब्ल्यू वित्तपोषित पेयजल व सीवरेज योजनाओं के लिए 135 करोड़ स्वीकृत हुए हैं।

देहरा क्षेत्र में 22 योजनाओं के जल संशोधन और यूवी फिल्टरेशन के लिए 43 करोड़ तथा नाबार्ड के तहत 46 करोड़ की पेयजल योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर के लिए ब्यास नदी से 1987.87 लाख रुपये की पेयजल योजना पर भी कार्य प्रगति पर है।

बैठक में मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। विधायक आशीष बुटेल सहित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।