➤ 55 योजनाएं लोक निर्माण, 18 जल शक्ति विभाग से संबंधित
➤ 15 मार्च से पहले प्रतिपूर्ति दावे जमा करने के निर्देश
➤ ऊना, हमीरपुर, सिरमौर के विधायकों ने रखीं क्षेत्रवार विकास मांगें
राज्य सचिवालय शिमला में विधायक प्राथमिकताओं को लेकर आयोजित बैठक के पहले सत्र में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के दौरान नाबार्ड से प्रदेश के लिए 713.87 करोड़ रुपये की 73 योजनाएं स्वीकृत करवाई जा चुकी हैं। इनमें 512.31 करोड़ रुपये की 55 योजनाएं लोक निर्माण विभाग तथा 201.56 करोड़ रुपये की 18 योजनाएं जल शक्ति विभाग से संबंधित हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए और 15 मार्च 2026 से पहले नाबार्ड कार्यालय में प्रतिपूर्ति दावे जमा किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समावेशी और त्वरित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने के निर्णय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पहाड़ी राज्यों पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा। उन्होंने केंद्र से इस अनुदान को बहाल करने और विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग भी रखी।
बैठक में ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्राथमिकताएं विस्तार से रखीं।
ऊना जिला में चिंतपूर्णी, गगरेट, ऊना और कुटलैहड़ के विधायकों ने मंदिर विस्तार, अस्पताल, सीवरेज, पुल, सड़कों, पेयजल योजनाओं, फायर स्टेशन, सब जज कोर्ट और ड्रेनेज जैसी मांगें उठाईं।
हमीरपुर जिला के भोरंज, सुजानपुर और बड़सर के विधायकों ने पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य सुविधाएं, बस अड्डे, सड़क स्तरोन्नयन, अस्पतालों में स्टाफ की तैनाती और न्यायिक भवनों के निर्माण की मांग रखी।
सिरमौर जिला के पच्छाद, नाहन, श्री रेणुकाजी और पांवटा साहिब के विधायकों ने पर्यटन विकास, मेडिकल कॉलेज, पुल निर्माण, सड़क नेटवर्क, सिंचाई नहरों की मरम्मत, बिजली आपूर्ति, चिड़ियाघर, धार्मिक पर्यटन, कॉलेज भवन और औद्योगिक क्षेत्र की बिजली व्यवस्था जैसे मुद्दे उठाए।
राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने आशा व्यक्त की कि विधायकों के सुझावों से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।



