➤ कुल बजट का 9.37% महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए, 5 लाख करोड़ का प्रावधान
➤ DAY-NRLM को 19,200 करोड़, NAMO Drone Didi के लिए 676.85 करोड़ आवंटित
➤ PMAY और मिशन शक्ति समेत सुरक्षा, शिक्षा व उद्यमिता पर विशेष जोर
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए इसे देश की नारीशक्ति के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक बताया है। संसद भवन में राजस्थान के महिला उद्यमी समूह के पदाधिकारियों से भेंट के दौरान उन्होंने कहा कि यह बजट महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को नई दिशा देगा।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछले वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं ने सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। इस बजट में महिला एवं बालिकाओं के कल्याण के लिए 5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले बजट से 11.36% अधिक है। उन्होंने बताया कि कुल बजट का 9.37% हिस्सा जेंडर-रेस्पॉन्सिव बजटिंग के तहत रखा गया है।
लखपति दीदी और SHE-Mart पर जोर
उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना को अब SHE-Mart (Self Help Entrepreneur Marts) से जोड़ा जाएगा। अब तक 1.48 करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जबकि लक्ष्य 2027 तक 3 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
आजीविका और कृषि में सशक्तिकरण
दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के लिए 19,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे लाखों महिला स्वयं सहायता समूहों को लाभ मिलेगा।
NAMO Drone Didi योजना के लिए 676.85 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ेगी।
आवास और आर्थिक सुरक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत 21,625.05 करोड़ रुपये महिलाओं पर केंद्रित घटकों के लिए रखे गए हैं।
PMAY-ग्रामीण के लिए 52,575.01 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें महिलाओं को प्राथमिक या सह-स्वामी बनाने पर जोर है।
सुरक्षा और शिक्षा में निवेश
महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1,014.05 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें सेफ सिटी परियोजनाएं शामिल हैं।
मिशन शक्ति के लिए 3,200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग को 36 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि हर जिले और उच्च शिक्षण संस्थानों में विशेषकर STEM विषयों में छात्राओं के लिए छात्रावास स्थापित किए जाएंगे, जिससे उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार बाजार तंत्र, वित्तपोषण, आवास, सुरक्षा और शिक्षा को एकीकृत कर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की मजबूत रणनीति पर काम कर रही है।




