➤ 16 से 22 फरवरी तक मंडी में होगा अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव-2026
➤ उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री 16 फरवरी को प्रथम जलेब में होंगे शामिल
➤ पड्डल मैदान में विधिवत शुभारंभ, सेरी मंच पर प्रथम सांस्कृतिक संध्या में करेंगे शिरकत
मंडी में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव-2026 का शुभारंभ इस बार मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री करेंगे। 16 से 22 फरवरी तक चलने वाले इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। प्रशासन की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार उपमुख्यमंत्री 15 फरवरी की शाम मंडी पहुंचेंगे और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के बाद 16 फरवरी को प्रथम जलेब में शामिल होकर पड्डल मैदान में महोत्सव का विधिवत आगाज करेंगे।
कार्यक्रम के तहत उपमुख्यमंत्री 15 फरवरी को मंडी पहुंचने के बाद सर्किट हाउस में संक्षिप्त विश्राम करेंगे। इसके उपरांत शाम 6:30 बजे पंचवक्त्र मंदिर के समीप आयोजित होने वाली ब्यास आरती में भाग लेंगे। यह आरती महाशिवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य में विशेष रूप से आयोजित की जा रही है और इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
16 फरवरी को दोपहर 12:45 बजे उपमुख्यमंत्री भ्यूली स्थित भीमाकाली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर परिसर में पारंपरिक देवलू धाम का आयोजन भी होगा, जिसमें वह शामिल होंगे। इसके बाद वे मंडी के अधिष्ठाता राज देवता माधो राय की पूजा-अर्चना कर प्रथम जलेब में भाग लेंगे। जलेब के माध्यम से विभिन्न देवी-देवताओं की शोभायात्रा पड्डल मेला मैदान पहुंचेगी, जहां अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव-2026 का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।
इसी रात्रि उपमुख्यमंत्री ऐतिहासिक सेरी मंच पर आयोजित होने वाली प्रथम सांस्कृतिक संध्या में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिससे छोटी काशी मंडी एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक रंगों में रंगी नजर आएगी।
गौरतलब है कि महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति का मुख्य कारण प्रायः बजट सत्र या चुनावी व्यस्तताएं रही हैं। पूर्व में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शिमला में बजट सत्र में भाग लेने के बाद दोपहर को मंडी पहुंचकर महोत्सव का शुभारंभ कर चुके थे। इस बार भी बजट और अन्य प्रशासनिक व्यस्तताओं को कारण माना जा रहा है।
मंडी का अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और परंपराओं का अनूठा संगम है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस महोत्सव का हिस्सा बनते हैं। ऐसे में उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी को प्रशासनिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



