➤ डिप्टी सीएम ने अनुच्छेद 175 का हवाला देकर RDG को बताया हिमाचल का अधिकार
➤ जयराम ठाकुर पर दिल्ली में पैसा रुकवाने के आरोप
➤ नेता प्रतिपक्ष बोले – सरकार राजनीतिक लड़ाई लड़ रही
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भी RDG (Revenue Deficit Grant) का मुद्दा सदन में छाया रहा। चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री संविधान की कॉपी लेकर सदन में पहुंचे और इसे हिमाचल का संवैधानिक अधिकार बताया।
डिप्टी सीएम ने कहा कि अनुच्छेद 175 के तहत राज्यों को अधिकार दिए गए हैं और RDG केवल आर्थिक विषय नहीं बल्कि हिमाचल और हिमाचलियत का सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग पहले राज्यत्व के खिलाफ नारे लगाते थे, वही आज RDG का विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के गठन के समय यह स्पष्ट था कि पर्वतीय राज्य होने के कारण हिमाचल को केंद्र से विशेष सहायता मिलेगी। RDG को कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया से जोड़ा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्यों को कमजोर करने की कोशिश हो रही है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि 17 में से 12 राज्यों में RDG पर निर्भरता लगभग 1 प्रतिशत है, जबकि हिमाचल की निर्भरता 13 प्रतिशत और नागालैंड की 17 प्रतिशत है। कर्नाटक की निर्भरता मात्र 1 प्रतिशत बताई गई। उन्होंने कहा कि पहले GST कंपनसेशन बंद हुआ और अब RDG पर भी संकट खड़ा किया जा रहा है।
साथ ही उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर आरोप लगाया कि वे दिल्ली जाकर हिमाचल का पैसा रुकवाने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार RDG पर अपना स्पष्ट दृष्टिकोण रखने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने स्तर पर केंद्र सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठा रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि डिप्टी सीएम सदन में भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। यदि उनके पास तथ्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक करें, अन्यथा यह विशेषाधिकार हनन का मामला बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार राजनीतिक लड़ाई चाहती है तो विपक्ष भी इसके लिए तैयार है।