➤ राजस्व घाटा अनुदान बंद करने पर प्रतिभा सिंह का कड़ा विरोध
➤ केंद्र से फैसले पर पुनर्विचार और अनुदान बहाल करने की मांग
➤ भाजपा नेताओं से प्रदेश हित में आगे आने की अपील
प्रतिभा सिंह ने कहा है कि प्रदेश के साथ होने वाला कोई भी अन्याय सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने राजस्व घाटा अनुदान बंद करने के निर्णय को हिमाचल के साथ बड़ा अन्याय बताते हुए केंद्र सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
शिमला में जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि यदि राजस्व घाटा अनुदान बंद होता है तो इसका सीधा और विपरीत असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, जो भविष्य के लिए ठीक संकेत नहीं है। उन्होंने भाजपा नेताओं से भी आग्रह किया कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रदेश हित में सच्चे और साफ मन से इस मुद्दे पर आगे आएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं दिल्ली जाकर केंद्रीय नेताओं से मुलाकात करेंगी और उन्हें प्रदेश की वास्तविक वित्तीय स्थिति से अवगत करवाएंगी। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं ने पहले ही हिमाचल को गहरे घाव दिए हैं और पुनर्निर्माण कार्यों के कारण प्रदेश की आर्थिकी पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। ऐसे में राजस्व घाटा अनुदान का बंद होना स्थिति को और कठिन बना देगा।
प्रतिभा सिंह ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करे और हिमाचल प्रदेश के लिए राजस्व घाटा अनुदान को बहाल रखे, ताकि विकास योजनाओं को गति मिल सके और वित्तीय संतुलन बनाए रखा जा सके



