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मंडी में ‘चौहटे री जातर’ के साथ महाशिवरात्रि महोत्सव का भव्य समापन

➤ छोटी काशी मंडी में महाशिवरात्रि के समापन से पहले सजी पारंपरिक ‘चौहटे री जातर’
➤ चौहटा बाजार में एक साथ विराजे सैकड़ों देवी-देवता, दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़
➤ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी नवाया शीष, अंतिम शाही जलेब के बाद देवताओं की वापसी


छोटी काशी मंडी में पिछले सात दिनों से जारी अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का आज भव्य समापन होने जा रहा है। समापन से पहले परंपरा के अनुसार मंडी शहर के ऐतिहासिक चौहटा बाजार में ‘चौहटे री जातर’ सजाई गई, जहां एक साथ सैकड़ों देवी-देवता विराजमान हुए।

Mandi Chauhate Ri Jatra organised before conclusion of Mahashivratri festival huge crowd gathered for darshan

स्थानीय बोली में प्रसिद्ध इस परंपरा का सदियों पुराना इतिहास है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु पूरे सप्ताह देव दर्शनों से वंचित रह जाते हैं, वे इस दिन चौहटा पहुंचकर सभी देवी-देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

Mandi Chauhate Ri Jatra organised before conclusion of Mahashivratri festival huge crowd gathered for darshan

आठ दिनों तक टारना माता मंदिर में विराजमान देव कमरूनाग भी सीधे चौहटा बाजार पहुंचे। इसके बाद सेरी चाणनी परिसर में विराजने के पश्चात वे अपने भक्तों के घरों की ओर प्रस्थान करेंगे।

प्रशासन की ओर से उपायुक्त मंडी ने भी देवताओं के समक्ष शीष नवाकर आशीर्वाद लिया। स्थानीय निवासी होशियार चंद और चेत राम ठाकुर ने बताया कि मंडी वासियों के लिए यह सौभाग्य का क्षण होता है जब एक ही स्थान पर इतने देवी-देवताओं के दर्शन होते हैं।

Mandi Chauhate Ri Jatra organised before conclusion of Mahashivratri festival huge crowd gathered for darshan

अधिकतर देवी-देवता जातर के बाद सीधे अपने मूल स्थानों की ओर रवाना हो जाते हैं, जबकि कुछ प्रमुख देवता अंतिम शाही जलेब में भाग लेने के बाद वापसी करते हैं। देव कमरूनाग के देवलुओं के अनुसार, सप्ताह भर की पैदल यात्रा के बाद वे पुनः अपने धाम पहुंचेंगे।