➤ दिल्ली पुलिस को हिरासत में लेने के मामले पर सरकार पर गंभीर आरोप
➤ AI इंपैक्ट समिट को साजिश के तहत बाधित करने का दावा
➤ राहुल गांधी को खुश करने के लिए अराजक राजनीति का आरोप
प्रदेश में हिमाचल पुलिस द्वारा दिल्ली पुलिस को कथित रूप से हिरासत में लेने के मामले ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इंटर स्टेट ऑपरेशन के दौरान हिमाचल प्रदेश पुलिस को दिल्ली पुलिस का सहयोग करना चाहिए था, लेकिन उल्टा उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की गई, जो न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं के खिलाफ है बल्कि देश की संस्थाओं के बीच समन्वय पर भी सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने कहा कि जिस AI इंपैक्ट समिट में दुनिया भर के राजनीतिक और तकनीकी दिग्गज जुटे थे, वह किसी एक दल का कार्यक्रम नहीं बल्कि देश की छवि को मजबूत करने वाला आयोजन था। आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के युवा मोर्चा से जुड़े लोगों ने इस आयोजन को मटियामेट करने का प्रयास किया और यह सब हिमाचल सरकार के संरक्षण में हुआ। उनका दावा है कि इस पूरे कांड की रणनीति हिमाचल सदन में बनाई गई, उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री भी वहां मौजूद थे।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों आरोपियों को हिमाचल कांग्रेस के एक चुने हुए जनप्रतिनिधि की गाड़ी में सरकारी अमले के संरक्षण में शिमला लाया गया और बाद में उन्हें रोहड़ू भेजकर उनके ठहरने और सुविधा की व्यवस्था की गई। उन्होंने इसे देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाने वालों को संरक्षण देने जैसा बताया और इसे शर्मनाक करार दिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर आरोप लगाया कि वे इस तरह की अराजक हरकतों के जरिए राहुल गांधी की गुड बुक्स में आने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पूरे कैबिनेट के दिल्ली में मौजूद रहने को भी इसी घटनाक्रम से जोड़ते हुए सवाल उठाए।
जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नालागढ़ में दिनदहाड़े हत्या और कांगड़ा में सामने आए मामलों से स्पष्ट है कि प्रदेश में माफिया राज, गुंडागर्दी और गन कल्चर चरम पर है। उनका दावा है कि अपराध के मामलों में एक साल में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पुलिस राजनीतिक आकाओं को खुश करने में लगी हुई है। उन्होंने हिमाचल पुलिस से अपील की कि वह राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर अपने कर्तव्य का पालन करे।



