➤ 20 लाख रुपये तक के सभी लंबित बिल प्राथमिकता से चुकाने के निर्देश
➤ पीडब्ल्यूडी और जल शक्ति समेत कई विभागों के ठेकेदारों को राहत
➤ करीब 225 करोड़ रुपये जल्द जारी, विकास कार्यों को मिलेगी गति
प्रदेश सरकार ने छोटे और मध्यम ठेकेदारों को बड़ी राहत देते हुए 20 लाख रुपये तक के सभी लंबित बिलों के भुगतान का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वित्त विभाग को निर्देश दिए हैं कि लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित ठेकेदारों के 20 लाख रुपये तक के सभी बकाया बिल प्राथमिकता के आधार पर अदा किए जाएं। इस निर्णय से लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे ठेकेदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वित्त विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 225 करोड़ रुपये की बकाया राशि शीघ्र ही विभिन्न ठेकेदारों को जारी की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे छोटे और मध्यम वर्ग के ठेकेदारों पर पड़ रहे वित्तीय दबाव में कमी आएगी और राज्य भर में चल रहे विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार, कई विभागों में लंबित भुगतान के कारण निर्माण कार्यों की रफ्तार प्रभावित हो रही थी। खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में सड़क, पुल, पेयजल और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में कार्य कर रहे ठेकेदारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सरकार का यह कदम विकास परियोजनाओं के सुचारु और निर्बाध क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का स्पष्ट संकेत है कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय पर भुगतान सुनिश्चित कर ठेकेदारों का विश्वास बहाल किया जाएगा।



