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हिमाचल के नए गवर्नर का शिमला में वेलकम:कल शपथ लेंगे

हिमाचल के नए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता आज शिमला पहुंचेंगे, शाम को लोकभवन में होगा स्वागत
कल सुबह 11:45 बजे चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया दिलाएंगे पद और गोपनीयता की शपथ
आपातकाल के दौरान 13 महीने जेल में रह चुके हैं, RSS से रहा गहरा जुड़ाव


शिमला। हिमाचल प्रदेश को जल्द ही अपना नया संवैधानिक प्रमुख मिलने जा रहा है। कविंद्र गुप्ता आज शिमला पहुंचेंगे और कल सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर लोकभवन में आयोजित समारोह में हिमाचल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस तरह कविंद्र गुप्ता हिमाचल प्रदेश के 30वें राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

राजभवन में नए राज्यपाल के स्वागत को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की विदाई के बाद लोकभवन में प्रशासनिक स्तर पर सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। आज शाम 6 बजकर 30 मिनट पर लोकभवन में उनके स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सेना और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहेंगे। समारोह के जरिए राज्य के नए संवैधानिक प्रमुख का औपचारिक स्वागत किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने हाल ही में राज्यपालों के फेरबदल के तहत यह नियुक्ति की है। इसके तहत शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि कविंद्र गुप्ता को हिमाचल प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कविंद्र गुप्ता इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। उन्होंने 18 जुलाई 2025 को लद्दाख के तीसरे उपराज्यपाल के रूप में शपथ ली थी और लगभग नौ महीने तक इस पद पर सेवाएं देने के बाद हाल ही में इस्तीफा दिया। इसके बाद केंद्र ने उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त कर दिया।

राजनीतिक और सामाजिक जीवन में कविंद्र गुप्ता का लंबा अनुभव रहा है। जम्मू के जानीपुर निवासी 66 वर्षीय कविंद्र गुप्ता का जुड़ाव छात्र जीवन से ही वैचारिक संगठनों से रहा है। वह मात्र 13 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और लंबे समय तक संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे।

आपातकाल के दौर में उनकी सक्रियता के कारण उन्हें करीब 13 महीने तक जेल में भी रहना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। वह जम्मू नगर निगम के तीन बार महापौर रह चुके हैं और भाजपा संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया और पार्टी की राज्य इकाई में महासचिव की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में जम्मू की गांधी नगर सीट से पहली बार विधायक चुने जाने के बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर विधानसभा का स्पीकर भी बनाया गया था।

सार्वजनिक जीवन में उनकी शुरुआत विश्व हिंदू परिषद में सचिव के रूप में कार्य करते हुए हुई थी। लंबे राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव के कारण उन्हें अब हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अनुभवी जननेता और प्रशासक


हिमाचल प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल कविंद्र गुप्ता का जीवन सफर सार्वजनिक सेवा और प्रशासनिक दक्षता की एक मिसाल है। 2 दिसंबर 1959 को जम्मू में जन्मे श्री गुप्ता ने अपने चार दशकों के करियर में जमीनी राजनीति से लेकर संवैधानिक पदों तक का सफर तय किया है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पंजाब के संगरूर, फिरोजपुर और गुरदासपुर में हुई, जिसके बाद 1979 में उन्होंने स्नातक की डिग्री हासिल की।

उनका सार्वजनिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ाव के साथ शुरू हुआ। आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में महत्वपूर्ण सांगठनिक पदों पर कार्य किया। चुनावी राजनीति में उनकी पकड़ तब साबित हुई जब वे जम्मू नगर निगम के लगातार तीन बार महापौर (2005-2010) चुने गए।

वर्ष 2014 में गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनने के बाद, वे जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पहले भाजपा अध्यक्ष बने और बाद में राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी। हिमाचल का कार्यभार संभालने से पहले, उन्होंने लद्दाख के तीसरे उप-राज्यपाल के रूप में वहां के बुनियादी ढांचे, शिक्षा और पर्यटन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 5 मार्च 2026 को राष्ट्रपति द्वारा उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।