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कांगड़ा के दो युवाओं ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर बढ़ाया जिले का मान

कांगड़ा के सनी ठाकुर और आयुष मेहरा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने
सनी ठाकुर ने टेक्निकल एंट्री में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया
झंडूता के पन्याली गांव के सौरभ सिंह भी सेना में लेफ्टिनेंट चयनित


कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के युवाओं ने एक बार फिर सेना में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए जिले का मान बढ़ाया है। जयसिंहपुर के सनी ठाकुर और पालमपुर के खैरा गांव के आयुष मेहरा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर देश सेवा के लिए तैयार हो गए हैं। दोनों युवाओं ने कड़े प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया को पार करते हुए सेना में अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है।

जयसिंहपुर के सनी ठाकुर ने ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) गया से एक वर्ष का कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) में लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्ति पाई है। सनी ने टेक्निकल एंट्री योजना में देशभर में दूसरा स्थान हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।

सनी ठाकुर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर से प्राप्त की और इसके बाद जेएन राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सुंदरनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। उनके पिता मनजीत ठाकुर आईटीबीपी में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता मधुबाला गृहिणी हैं। सनी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है।

वहीं पालमपुर के खैरा गांव के आयुष मेहरा ने सीडीएस (Combined Defence Services) परीक्षा पास कर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। दिवंगत सुनील कुमार के पुत्र आयुष ने इंजीनियरिंग के बाद निजी क्षेत्र में करीब दो वर्ष तक नौकरी की, लेकिन देश सेवा के जुनून ने उन्हें सेना की राह चुनने के लिए प्रेरित किया।

आयुष मेहरा ने एनआईटी हमीरपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। नौकरी छोड़कर सेना में जाने का उनका निर्णय युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।

इसी बीच बिलासपुर जिले के झंडूता क्षेत्र के पन्याली गांव के सौरभ सिंह का भी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयन हुआ है। उनके चयन से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। भोपाल में आयोजित चयन प्रक्रिया में करीब 170 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, जिनमें से पांच दिन की एसएसबी प्रक्रिया और चार दिन के कड़े मेडिकल परीक्षण के बाद सौरभ सिंह का चयन हुआ।

सौरभ सिंह ने डॉ. वाईएस परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी से एग्रो फॉरेस्ट्री में एमएससी की डिग्री प्राप्त की है। वह बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। सौरभ और उनकी बहन ने 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बोर्ड से दो-दो लैपटॉप भी हासिल किए थे। उनके पिता सुरेश पन्याली और माता सुदेश कुमारी शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। सौरभ एक अप्रैल को चेन्नई में रिपोर्ट करेंगे, जहां से उनकी सैन्य सेवा की औपचारिक शुरुआत होगी।

तीनों युवाओं की इस उपलब्धि से हिमाचल प्रदेश और उनके गृह क्षेत्रों में गर्व का माहौल है और स्थानीय लोगों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।