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हिमाचल के स्कूलों में अब पढ़ाई जाएगी बागवानी, 9वीं से 12वीं तक नया व्यावसायिक विषय

हिमाचल के स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक बागवानी को व्यावसायिक विषय बनाने की तैयारी
2026-27 सत्र से लागू करने की योजना, पाठ्यक्रम मंजूरी के लिए एनसीवीटी को भेजा
छात्रों को आधुनिक खेती, पौध तैयार करने और स्वरोजगार की ट्रेनिंग मिलेगी


धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कक्षा 9वीं से 12वीं तक बागवानी (हॉर्टिकल्चर) को व्यावसायिक विषय के रूप में शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

इस प्रस्तावित पाठ्यक्रम को अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (NCVT) को भेजा गया है। योजना के अनुसार इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया जा सकता है

दरअसल, हाल ही में शिक्षा बोर्ड को ड्यूल कैटेगरी स्टेटस मिला है। इसके बाद बोर्ड को राज्य की भौगोलिक और आर्थिक जरूरतों के अनुसार नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम तैयार करने का अधिकार मिल गया है। इसी के तहत बागवानी को स्कूली शिक्षा में शामिल करने का फैसला लिया गया है।

हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सेब, कीवी, आड़ू, प्लम और नाशपाती जैसी फल फसलें अहम भूमिका निभाती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए पाठ्यक्रम में केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

विद्यार्थियों को पौध तैयार करने की तकनीक, आधुनिक खेती के तरीके, फसलों में रोग नियंत्रण और उद्यान प्रबंधन से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़े पहलुओं के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि ड्यूल कैटेगरी स्टेटस मिलने के बाद बोर्ड राज्य विशेष कौशल विकास पर ध्यान दे रहा है। हिमाचल में बागवानी मुख्य व्यवसाय है, इसलिए इसे स्कूली स्तर पर शुरू करना छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है