➤ एक करोड़ की एलएसडी तस्करी मामले में मुख्य सरगना गुरुग्राम से गिरफ्तार
➤ केरल का रहने वाला नविएल हैरिसन निकला सप्लाई नेटवर्क का मास्टरमाइंड
➤ न्यू शिमला से 562 एलएसडी स्ट्रिप के साथ युवक-युवती पकड़े जाने के बाद खुला मामला
शिमला। जिला पुलिस ने एक करोड़ रुपये की एलएसडी तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नविएल हैरिसन के रूप में हुई है, जो मूल रूप से केरल के कालीकट का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एलएसडी के साथ पहले पकड़ा गया आरोपी संदीप शर्मा और नविएल हैरिसन लंबे समय से संपर्क में थे और मिलकर इस खतरनाक नशे की तस्करी कर रहे थे।
दरअसल, 10 मार्च को शिमला पुलिस ने न्यू शिमला के एक फ्लैट में दबिश देकर एक युवक और युवती को 11.570 ग्राम एलएसडी के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार यह 562 एलएसडी स्ट्रिप थीं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों में संदीप शर्मा (धर्मकोट, जिला मोगा, पंजाब) और प्रिया शर्मा (जिला सिरमौर, हिमाचल) शामिल हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस ने सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश की तो पता चला कि संदीप लंबे समय से नविएल हैरिसन से एलएसडी खरीदता था।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और कॉल डिटेल के आधार पर गुरुग्राम में दबिश देकर नविएल हैरिसन को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी उस समय एक होटल में ठहरा हुआ था।
जांच में यह भी सामने आया है कि नविएल और संदीप के बीच बातचीत व्हाट्सएप कॉल के जरिए होती थी, ताकि उनके बीच सीधा संपर्क स्थापित न हो सके। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि संदीप बदले में नविएल को कैनाबिस (गांजा) भी उपलब्ध करवाता था।
एएसपी शिमला अभिषेक ने बताया कि सप्लायर की गिरफ्तारी के बाद इस नशे के नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर इस तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे गिरोह का भंडाफोड़ करने की कोशिश कर रही है।
पुलिस के अनुसार जिले में नशा तस्करों के खिलाफ इस साल 77 मामलों में कार्रवाई करते हुए 144 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कई बड़े सप्लायर भी शामिल हैं, जिन्हें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल सीमा क्षेत्र से पकड़ा गया है।



