➤ चिट्टे में संलिप्त लोग नहीं लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव, कैबिनेट का बड़ा फैसला
➤ गैस की कमी दूर करने को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन मजबूत करने का निर्णय
➤ IGMC, हमीरपुर और नेरचौक में बायोफिजिक्स विभाग खोलने को मंजूरी
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिनका सीधा असर राजनीति, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं पर पड़ेगा। सबसे बड़ा निर्णय यह रहा कि अब चिट्टे (नशे) के मामलों में संलिप्त लोग पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसके लिए सरकार जल्द ही एक विधेयक विधानसभा में पेश करेगी, जिसे पारित कर कानूनी रूप दिया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य पंचायत स्तर पर स्वच्छ और अपराधमुक्त नेतृत्व सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
कैबिनेट ने प्रदेश में बढ़ती गैस की मांग और आपूर्ति की समस्या को ध्यान में रखते हुए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मजबूत करने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत गैस नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, जिससे शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लोगों को बेहतर और नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। कैबिनेट ने आईजीएमसी शिमला, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में बायोफिजिक्स विभाग खोलने को मंजूरी दी है। इससे न केवल चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अनुसंधान और आधुनिक उपचार सुविधाओं में भी सुधार होगा।
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से एक ओर जहां नशा मुक्त समाज की दिशा में ठोस कदम उठेगा, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में भी प्रदेश को नई मजबूती मिलेगी। आने वाले विधानसभा सत्र में इन फैसलों से जुड़े विधेयकों को पेश कर अंतिम रूप दिया जाएगा।



