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हिमाचल में 36 प्राइमरी स्कूल बंद, 3 मिडल स्कूल मर्ज: तीन साल में 1250 स्कूलों पर गिरी गाज

शून्य छात्र संख्या वाले 36 प्राइमरी स्कूल बंद, 3 मिडल स्कूल मर्ज
तीन साल में 1250 स्कूल बंद या मर्ज, शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
शिक्षकों और स्टाफ को जरूरत वाले स्कूलों में किया जाएगा ट्रांसफर


हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। शून्य छात्र संख्या वाले 36 प्राइमरी स्कूलों को बंद कर दिया गया है, जबकि 3 मिडल स्कूलों को नजदीकी स्कूलों में मर्ज कर दिया गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

सरकार का कहना है कि जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं है, उन्हें चलाना व्यावहारिक नहीं रह गया था और इससे संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो पा रहा था। ऐसे में इन स्कूलों को बंद कर शिक्षकों और अन्य संसाधनों को उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां जरूरत अधिक है

इस फैसले के तहत बंद किए गए स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और गैर-शिक्षकों का ट्रांसफर किया जाएगा। खास तौर पर उन स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां स्टाफ की कमी, सिंगल टीचर सिस्टम या बिना शिक्षक वाले स्कूल हैं।

यदि जिलों की बात करें तो बंद किए गए स्कूलों में चंबा के 3, हमीरपुर का 1, कांगड़ा के 2, किन्नौर का 1, कुल्लू के 3, लाहौल-स्पीति का 1, मंडी के 7, शिमला के 16 और ऊना के 2 स्कूल शामिल हैं। वहीं, मर्ज किए गए तीनों मिडल स्कूल शिमला जिले के हैं

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में करीब 1250 स्कूल बंद या मर्ज किए जा चुके हैं, जो राज्य की शिक्षा नीति में बड़े बदलाव का संकेत है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भवन, रिकॉर्ड और अन्य संसाधनों के प्रबंधन के लिए पहले से जारी दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई की जाएगी

इस फैसले को लेकर जहां सरकार इसे संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में कदम बता रही है, वहीं शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में इसके प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।