➤ एंट्री टैक्स बढ़ोतरी पर विधानसभा में सत्ता-पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
➤ सीएम बोले- कैबिनेट में चर्चा के बाद लिया जाएगा अंतिम निर्णय
➤ सीमावर्ती इलाकों में विरोध, पंजाब में प्रदर्शन से बढ़ा दबाव
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में बाहरी राज्यों के वाहनों पर लगाए गए एंट्री टैक्स का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। प्रश्नकाल के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने इस पर सरकार को घेरा। इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि यह टैक्स केवल हिमाचल में प्रवेश के समय लिया जाएगा, वापसी पर नहीं। उन्होंने कहा कि एलएमवी (हल्के वाहनों) पर किसी तरह की टैक्स बढ़ोतरी नहीं की गई है और बॉर्डर क्षेत्रों में टैक्स दरें अत्यधिक नहीं हैं।
सीएम ने बताया कि इस मुद्दे पर आगामी कैबिनेट बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी और उसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों की सुविधा के लिए पास सिस्टम लागू किया जा सकता है। साथ ही, फास्टैग सिस्टम से एंट्री टैक्स को जोड़ने के कारण दरों में बढ़ोतरी का असर दिख रहा है। जिन स्थानों पर नेशनल हाईवे और एंट्री टैक्स बैरियर पास-पास हैं, उन्हें एकीकृत करने पर भी विचार किया जा रहा है।
विधानसभा में इस मुद्दे पर कई विधायकों ने अपनी-अपनी चिंताएं रखीं। बीजेपी विधायक राकेश जम्वाल ने टैक्सी वाहनों पर टैक्स को लेकर सवाल उठाया। वहीं कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने सीमावर्ती गांवों के लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही का मुद्दा उठाया। बीजेपी के सुखराम चौधरी ने पांवटा साहिब क्षेत्र में उत्तराखंड से आने-जाने वाले स्थानीय लोगों को राहत देने की मांग की। नालागढ़ के विधायक हरदीप बावा और बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने भी इसी तरह की चिंताएं जताईं।
इस बीच, एंट्री टैक्स के विरोध में सीमावर्ती इलाकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पंजाब के Rupnagar district के घनौली–नालागढ़ मार्ग पर किसान और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए दो घंटे तक चक्का जाम किया। इस दौरान हिमाचल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और दोनों ओर करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
इस फैसले का असर केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटन उद्योग पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। पर्यटन से जुड़े कारोबारियों ने चिंता व्यक्त की है कि इससे बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती है। वहीं, पंजाब सरकार की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि यदि हिमाचल ने यह टैक्स जारी रखा, तो हिमाचल के वाहनों पर भी एंट्री टैक्स लगाया जा सकता है, जिससे पंजाब में काम करने वाले हिमाचलियों पर सीधा असर पड़ेगा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने Bhagwant Mann से फोन पर बातचीत कर इस मुद्दे पर चर्चा की है और भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। अब सभी की नजरें कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, जहां इस विवादित एंट्री टैक्स पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।



