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पंजाब-हरियाणा के विरोध के बाद एंट्री टैक्स पर सरकार का बड़ा फैसला, अब इतने रुपये वसूला जाएगा शुल्क

एंट्री टैक्स विवाद पर सरकार का बड़ा यू-टर्न, निजी वाहनों के शुल्क में कटौती
अब बाहरी राज्यों की 5 से 12 सीटर निजी गाड़ियों से ₹100 प्रवेश शुल्क लिया जाएगा
सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए रियायती पास की तैयारी, विधानसभा में सीएम का बड़ा एलान



हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे विवाद के बीच सुक्खू सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए शुल्क दरों में अहम संशोधन किया है। पंजाब और हरियाणा में बढ़ते विरोध, चक्का जाम की चेतावनी और सीमावर्ती इलाकों में तनाव के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि अब बाहरी राज्यों से आने वाली 5 से 12 सीटर निजी गाड़ियों से ₹100 प्रवेश शुल्क वसूला जाएगा। इससे पहले सरकार ने इस श्रेणी के वाहनों के लिए शुल्क ₹130 और कुछ मामलों में ₹170 तक बढ़ा दिया था, जिस पर व्यापक विरोध देखने को मिला।

सरकार के इस फैसले को एंट्री टैक्स विवाद पर बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है। पहले 5 सीटर कारों से ₹70 और 12 सीटर वाहनों से ₹110 शुल्क लिया जाता था, जिसे हाल ही में बढ़ाया गया था। इस बढ़ोतरी के बाद पंजाब और हरियाणा के कई संगठनों ने हिमाचल सीमा पर प्रदर्शन शुरू कर दिया था और 31 मार्च की रात से वाहनों की आवाजाही रोकने की चेतावनी दी थी। बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने नई दरों का युक्तिकरण करते हुए राहत देने का फैसला लिया।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि एंट्री टैक्स को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है और सरकार का उद्देश्य केवल व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना है। उन्होंने कहा कि अब FASTag आधारित प्रणाली के तहत शुल्क वसूली को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। सीएम ने यह भी बताया कि भारी वाहनों की कई श्रेणियों में शुल्क पहले जैसा ही रखा गया है, जबकि कुछ श्रेणियों में मामूली वृद्धि की गई है।

सरकार ने टैक्सी चालकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी राहत देने का फैसला लिया है। हिमाचल नंबर की टैक्सियों को पहले की तरह छूट जारी रहेगी और अब 12 सीटर तक टैक्सियों को भी शुल्क से राहत दी जाएगी। इसके अलावा टोल बैरियर से 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के लोगों के लिए रियायती पास जारी किए जाएंगे। इन पासों की राशि पर एक-दो दिन में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

विधानसभा में विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि टैक्स वृद्धि पर्यटन आधारित हिमाचल की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में विरोध तेज हो रहा है और इसका असर व्यापार, पर्यटन और सीमावर्ती जिलों के जनजीवन पर पड़ सकता है।

फिलहाल प्रदर्शनकारी संगठनों ने अपना आंदोलन बुधवार सुबह 8 बजे तक स्थगित कर दिया है, लेकिन उन्होंने साफ किया है कि यदि सीमा से जुड़े जिलों को पूरी राहत नहीं दी गई तो संघर्ष जारी रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के बीच अंतरराज्यीय आवाजाही और टैक्स नीति पर नई बहस छेड़ दी है।