➤ अमरूद तोड़ने पर मासूम बच्ची को सीढ़ियों से बांधकर बेरहमी से पीटा
➤ मर्चेंट नेवी के कैप्टन रोहित जसवाल ने साहस दिखाकर बच्ची को छुड़ाया
➤ ऊना पुलिस ने पूर्व सैनिक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के बहडाला गांव से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक प्रवासी परिवार की मासूम बच्ची को महज एक अमरूद तोड़ने की बात पर एक पूर्व सैनिक ने कथित तौर पर सीढ़ियों से बांधकर बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है और सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि बच्ची मदद के लिए चीखते हुए “अंकल बचा लो” कहती रही, लेकिन आरोपी की क्रूरता जारी रही।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला उस समय उजागर हुआ जब मर्चेंट नेवी में कार्यरत कैप्टन रोहित जसवाल वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने एक घर के बाहर बच्ची को सीढ़ियों से बंधा हुआ देखा। यह दृश्य देखकर वह तुरंत मौके पर पहुंचे और आरोपी से बच्ची को छोड़ने के लिए कहा। हालांकि आरोपी अपनी जिद पर अड़ा रहा। इसी दौरान आसपास मौजूद कुछ युवकों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होते ही इलाके में माहौल गर्म हो गया। लोगों में भारी रोष देखने को मिला। हालात बिगड़ते देख कैप्टन रोहित जसवाल ने साहस का परिचय देते हुए बच्ची को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया और उसे सुरक्षित उसके घर पहुंचाया। इसके साथ ही उन्होंने तुरंत पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
सूचना मिलते ही सबसे पहले चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम मौके पर पहुंची। टीम को देखकर आरोपी पूर्व सैनिक के तेवर नरम पड़ गए और उसने अपने कृत्य के लिए माफी भी मांगी। लेकिन तब तक मामला पूरे क्षेत्र में फैल चुका था। जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ बच्ची को प्रताड़ित करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया।
पीड़ित बच्ची का क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। डीसी जतिन लाल और पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पूरे प्रदेश में मानवता और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



