➤ हिमाचल में फिर बिगड़ा मौसम, दो दिन के लिए ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी
➤ चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला समेत कई जिलों में तेज बारिश और 60 किमी/घंटा तक हवाओं की चेतावनी
➤ सेब फसल पर बढ़ा खतरा, अगले तीन दिन तापमान में और गिरावट के आसार
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिन मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए दो दिन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 7 से 9 अप्रैल के बीच बारिश, ओलावृष्टि, तेज तूफान और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रहेगा। खास तौर पर 8 अप्रैल को मौसम अधिक खराब रहने की आशंका है।
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं कल कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भी भारी ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है।
मौसम केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से मौसम 9 अप्रैल तक खराब बना रहेगा। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। पिछले 24 घंटों में हुई बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 2.3 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।
लगातार बदलते मौसम ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर शिमला और कुल्लू जिलों में सेब की फसल को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि के कारण फल और नई कोंपलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। इस समय सेब के लिए मौसम बेहद संवेदनशील माना जाता है और लगातार बारिश तथा ओलों से उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है।
बीते 24 घंटों में कल्पा का न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं ऊना में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है।



