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क्या खत्म हो रहा है भाजपा का वजूद? CM का बड़ा दावा

मुख्यमंत्री का भाजपा पर बड़ा हमला, बोले– पांच गुटों में बंटी पार्टी अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही
सुक्खू ने कहा– हिमाचल में कोई आर्थिक संकट नहीं, वित्तीय अनुशासन के तहत उठाए गए कदम
सेवा विस्तार और पुनर्नियुक्ति पर सख्त रुख, अब केवल विशेष परिस्थितियों में होगा विचार



हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने शिमला में भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश भाजपा इस समय अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा पांच अलग-अलग गुटों में बंटी हुई है और पार्टी के भीतर ही यह संघर्ष चल रहा है कि कौन सा गुट किसे खत्म करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह तय करना है कि उसके भीतर कौन किस गुट का राजनीतिक समूलनाश करेगा, लेकिन दुख की बात यह है कि पार्टी हिमाचल के हितों की लड़ाई में सरकार का साथ नहीं दे रही

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से RDG (Revenue Deficit Grant) के मुद्दे पर भाजपा की चुप्पी को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार का विषय नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के लोगों का अधिकार है। सुक्खू ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार RDG में कटौती कर प्रदेश के अधिकारों को कमजोर कर रही है, जबकि हिमाचल भाजपा इस मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता वित्त मंत्री से RDG बहाली को लेकर सरकार के साथ जाने तक को तैयार नहीं हुए

आर्थिक स्थिति को लेकर विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि हिमाचल में किसी भी प्रकार का आर्थिक संकट नहीं है। उनके अनुसार सरकार ने जो कदम उठाए हैं, वे केवल वित्तीय अनुशासन और आर्थिक मजबूती के लिए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ भुगतान और वेतन को डिफर करने जैसे फैसले प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री ने सेवा विस्तार और पुनर्नियुक्ति के मुद्दे पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब भविष्य में किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को सामान्य परिस्थितियों में सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति नहीं दी जाएगी। केवल विशेष परिस्थितियों और उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन के आधार पर ही सरकार इस पर विचार करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया में चल रही चर्चाओं पर भी सफाई देते हुए कहा कि जिस मामले को लेकर चर्चा हो रही है, वह दिसंबर महीने की पुनर्नियुक्ति से जुड़ा है, न कि हाल ही में जारी किसी नए आदेश से।

पंचायत चुनाव में डीसी को दी गई आरक्षण की 5 फीसदी शक्तियों पर हाईकोर्ट द्वारा रोक के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समय-समय पर प्रशासनिक फैसले लेती रहती है और हाईकोर्ट के फैसले का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार न्यायपालिका के हर निर्णय का सम्मान करती है और उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में पंचायत चुनाव, आर्थिक प्रबंधन और राजनीतिक समीकरणों को लेकर माहौल पहले से ही गर्म है। मुख्यमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।