➤ दिल्ली से शिमला आ रही एचआरटीसी वोल्वो बस के चालक से मारपीट
➤ ओवरटेकिंग विवाद के बाद स्कॉर्पियो सवारों ने बस रोककर किया हमला
➤ शिमला पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
शिमला में सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली से शिमला आ रही एचआरटीसी की वोल्वो बस के चालक के साथ कच्चीघाटी क्षेत्र में मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि ओवरटेकिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह दिल्ली से शिमला की ओर आ रही एचआरटीसी वोल्वो बस जब कच्चीघाटी क्षेत्र में पहुंची तो बस चालक ने हरियाणा नंबर की एक स्कॉर्पियो गाड़ी को ओवरटेक कर लिया। इसी बात से नाराज स्कॉर्पियो सवार युवकों ने बस का पीछा किया और कुछ दूरी पर बस को जबरन रुकवा दिया। आरोप है कि इसके बाद गाड़ी से उतरे लोगों ने बस चालक के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते मारपीट करने लगे।
घटना के दौरान बस में मौजूद यात्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ यात्रियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी लगातार चालक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करते रहे। मामले की सूचना तुरंत थाना बालूगंज पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंकज (33 वर्ष) पुत्र शिव कुमार निवासी पंचकूला हरियाणा तथा विकास कुमार (22 वर्ष) पुत्र विलक्षण राम निवासी पंचकूला हरियाणा के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिमला पुलिस ने इस घटना को गंभीर बताते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि सार्वजनिक सेवा में लगे कर्मचारियों, खासकर परिवहन कर्मियों के साथ हिंसक व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी सेवाओं में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
यह घटना एक बार फिर सड़क पर बढ़ती आक्रामकता और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक झगड़ों को लेकर चिंता बढ़ा रही है। खासकर सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।



