➤ अंबेडकर जयंती पर मुख्यमंत्री ने चौड़ा मैदान में प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की
➤ “आर्किटेक्ट ऑफ इक्वालिटी” स्मारक का अनावरण कर समानता का संदेश दिया
➤ प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में संगोष्ठियां और प्रभात फेरियां आयोजित हुईं
शिमला। संविधान निर्माता भारत रत्न B. R. Ambedkar की 135वीं जयंती सोमवार को पूरे हिमाचल प्रदेश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान स्थित उनकी प्रतिमा पर मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने “आर्किटेक्ट ऑफ इक्वालिटी” स्मारक का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि यह स्मारक डॉ. अंबेडकर के जीवन दर्शन और संविधान के माध्यम से समानता, न्याय और बंधुत्व के उनके संदेश को समर्पित है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से संविधान के मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि देश का संविधान आज 77 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा पूरी कर चुका है और इसके मूल सिद्धांत आज भी समाज को दिशा दे रहे हैं।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री Dhani Ram Shandil, हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष Vinay Kumar, विधायक Harish Janartha सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंबेडकर जयंती के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न स्थानों पर प्रभात फेरियां निकाली गईं और संगोष्ठियों में बाबासाहेब के योगदान तथा उनके विचारों पर विस्तार से चर्चा हुई।
संविधान निर्माता B. R. Ambedkar की जयंती के अवसर पर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री Jai Ram Thakur ने सोमवार को शिमला के चौड़ा मैदान स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने बाबासाहेब के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए उन्हें सामाजिक न्याय और समानता का सबसे बड़ा प्रतीक बताया।
मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का देश की स्वतंत्रता के बाद संविधान निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान बनाना एक जटिल, ऐतिहासिक और दूरदर्शी कार्य था, जिसे बाबासाहेब ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पूरा किया।
उन्होंने कहा कि बचपन से ही डॉ. अंबेडकर को सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने संघर्षों को समाज में समानता और समरसता स्थापित करने की प्रेरणा में बदल दिया। यही सोच भारतीय संविधान की आत्मा बनी।
नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बाबासाहेब के अतुलनीय योगदान के बावजूद लंबे समय तक उन्हें भारत रत्न से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1990 में V. P. Singh की सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि देश डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को कभी नहीं भूल सकता और आने वाली पीढ़ियों को भी उनके विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट में 19 वर्षीय युवती की निर्मम हत्या के मामले पर हिमाचल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए सख्त कार्यवाही की बात कही है।
विनय कुमार ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज में इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए और इसके लिए सख्त संदेश देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
विनय कुमार ने इस घटना के पीछे नशे को मुख्य वजह बताते हुए कहा कि प्रदेश में बढ़ते नशे पर सख्ती से लगाम लगाना बेहद जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, ताकि युवाओं को इस बुराई से बचाया जा सके।



