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पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती को WHO की पर्यवेक्षी समिति में मिली अहम जिम्मेदारी, हिमाचल के लिए गौरव का क्षण

➤ WHO ने डॉ. ओमेश भारती को 18 सदस्यीय पर्यवेक्षी समिति में किया शामिल
➤ उपेक्षित उष्णकटिबंधीय और पशुजन्य रोगों पर देंगे विशेषज्ञ मार्गदर्शन
➤ NTD रोडमैप 2030 के लक्ष्यों की समीक्षा में निभाएंगे अहम भूमिका

विस्तृत खबर:
शिमला, 16 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि पद्मश्री से सम्मानित और अंतरराष्ट्रीय स्तर के रेबीज विशेषज्ञ डॉ. ओमेश भारती को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें WHO के मलेरिया और उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग (NTD) विभाग की पर्यवेक्षी समिति का सदस्य नामित किया गया है। यह जानकारी गुरुवार को सामने आई।

यह 18 सदस्यीय समिति विभाग के कार्यक्रमों के मध्यावधि मूल्यांकन का कार्य करेगी। डॉ. भारती को इसमें उपेक्षित पशुजन्य रोगों के स्वतंत्र विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया है। समिति का मुख्य उद्देश्य यह आकलन करना है कि NTD रोडमैप 2021–2030 के तहत चल रहे वैश्विक कार्यक्रम अपने निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में कितनी प्रगति कर रहे हैं और 2030 तक लक्ष्य हासिल होने की संभावना कितनी है।

WHO के अनुसार, यह समिति मूल्यांकन प्रक्रिया को निष्पक्ष, विश्वसनीय और प्रभावी बनाए रखने के लिए रणनीतिक और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगी। डॉ. भारती पहले से ही रेबीज और सर्पदंश पर WHO के विशेषज्ञ पैनल तथा राष्ट्रीय कार्य बल के सदस्य हैं। उनका कहना है कि इस समिति में भारत की भागीदारी से वैश्विक स्वास्थ्य नीतियों में देश की आवाज और मजबूत होगी।

गौरतलब है कि डॉ. भारती को वर्ष 2019 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया था। उन्हें यह सम्मान कुत्ते के काटने के इलाज के लिए विकसित कम लागत वाले रेबीज प्रोटोकॉल के लिए मिला था, जिसे WHO ने अपने वैश्विक दिशानिर्देशों में भी शामिल किया। वर्तमान में वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, शिमला में उपनिदेशक के रूप में कार्यरत हैं और सर्पदंश पर शोध कार्य में भी सक्रिय हैं।