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विधानसभा और लोकसभा में मिलना चाहिए महिलाओं को आरक्षण: विक्रमादित्‍य सिंह

विक्रमादित्य सिंह बोले—महिला आरक्षण का कांग्रेस 100% समर्थन
कंगना पर तंज—हिमाचल में महिला विधायकों की संख्या तक नहीं पता
बिल की प्रक्रिया पर सवाल, जनसंख्या आधार पर सीट बंटवारे का मुद्दा उठाया


शिमला। महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में जारी सियासी बहस के बीच हिमाचल सरकार में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का 100 प्रतिशत समर्थन करती है, लेकिन जिस तरीके से संसद में इस बिल को पेश और पारित करने की कोशिश की गई, उस पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा दोनों में महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए, ताकि उनकी राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में बिल को लेकर “दिखाया कुछ जा रहा था और हो कुछ रहा था”, जिससे विपक्षी दलों ने भी आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि 2023 में लाए गए बिल को अब तक पारित क्यों नहीं किया गया, जबकि इसे पहले ही लागू किया जा सकता था।

उन्होंने सीटों के बंटवारे को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि जनसंख्या के आधार पर उत्तर भारत में दक्षिण भारत के मुकाबले तीन गुना अधिक सीटों का बंटवारा होना था। उनके अनुसार, कुल 543 सीटों में से 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित करने की प्रक्रिया को स्पष्ट और पारदर्शी होना चाहिए, ताकि किसी क्षेत्र के साथ अन्याय न हो।

इस पूरे मुद्दे के बीच विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनौत पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि “कंगना को यह तक पता नहीं है कि हिमाचल विधानसभा में कितनी महिला विधायक हैं, और वे महिला सशक्तिकरण की बात कर रही हैं।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ग्रासरूट स्तर पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है और जमीनी स्तर पर महिलाओं को आगे लाने का काम किया है।

विक्रमादित्य सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे देश की डेमोग्राफी को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति नहीं, बल्कि व्यापक सहमति और पारदर्शिता की जरूरत है।

इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। जहां एक ओर कांग्रेस अपने रुख को स्पष्ट कर रही है, वहीं भाजपा और अन्य दलों की प्रतिक्रिया भी सामने आना बाकी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।