➤ डॉ जितेंद्र सिंह ने महिला आरक्षण पर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा हमला बोला
➤ नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया BJP की विचारधारा और मोदी विज़न का हिस्सा
➤ सरोज पांडे ने प्रियंका गांधी के नारे पर उठाए सवाल, विपक्ष पर विश्वासघात का आरोप
शिमला, 18 अप्रैल 2026। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस और INDI गठबंधन पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस अहम पहल को बाधित किया और महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात किया।
डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की मुख्यधारा में नेतृत्व करने वाला बनाया है। उन्होंने 2014 के बाद हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण और उज्ज्वला योजना जैसे कदमों ने महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। इससे न केवल स्वास्थ्य और सुरक्षा में सुधार हुआ, बल्कि महिलाओं को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भरता का अवसर भी मिला है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है, जहां अब महिलाएं केवल भागीदारी नहीं कर रहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। सिविल सेवाओं, तकनीकी शिक्षा, शोध और रक्षा सेवाओं में उनकी बढ़ती भागीदारी इसका प्रमाण है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों से महिला आरक्षण की बात करने वाली पार्टी इसे लागू करने का साहस नहीं जुटा पाई। वहीं जब मोदी सरकार ने ठोस समाधान पेश किया, तो विपक्ष ने तकनीकी बहानों और राजनीतिक रणनीतियों के जरिए इस प्रक्रिया को रोकने की कोशिश की। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ सीधा विश्वासघात बताया।
डॉ जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि भाजपा ने अपने संगठन में पहले ही 33 प्रतिशत से अधिक महिला भागीदारी सुनिश्चित की है, जबकि कांग्रेस आज तक अपने संगठन में भी इसे लागू नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में महिलाओं को परिवारवाद के आधार पर सीमित अवसर मिलते हैं, जबकि भाजपा में मेरिट को प्राथमिकता दी जाती है।
इस दौरान भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने भी कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लंबे समय तक केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन जब उन्हें अधिकार देने का समय आया, तो कांग्रेस पीछे हट गई। उन्होंने प्रियंका गांधी के “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की सबसे बड़ी लड़ाई के समय यह नारा कहीं नजर नहीं आया।
सरोज पांडे ने कहा कि संसद में बिल गिरने के बाद विपक्ष का रवैया महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है और यह पूरे देश की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा।
भाजपा नेताओं ने अंत में कहा कि एक ओर मोदी सरकार है, जिसने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस नीतियां लागू कीं, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस है, जिसने हर बार इस मुद्दे को टालने का काम किया। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं इस अंतर को समझती हैं और आने वाले समय में इसका लोकतांत्रिक जवाब देंगी।



