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हिमाचल में पंचायत और नगर निकाय चुनाव का ऐलान, 3600 पंचायतों में होगा चुनाव, 4 नगर निगम भी शामिल

हिमाचल के 51 शहरी निकायों में 17 मई को मतदान
चार नगर निगम सहित नगर परिषद-पंचायतों के चुनाव का शेड्यूल जारी
आचार संहिता लागू, नामांकन प्रक्रिया 29 अप्रैल से शुरू



हिमाचल प्रदेश में शहरी निकाय चुनावों की तारीखों का औपचारिक ऐलान कर दिया गया है। राजधानी शिमला में प्रेस वार्ता के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने बताया कि प्रदेश के 51 नगर निकायों में 17 मई को मतदान होगा। इनमें सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर के चार नगर निगम शामिल हैं, जबकि अन्य नगर परिषद और नगर पंचायतों में भी इसी दिन वोटिंग कराई जाएगी।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता लागू कर दी गई है। आयोग के अनुसार इन चुनावों में 1,80,963 पुरुष और 1,79,882 महिला मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगी। वहीं पंचायत चुनावों की घोषणा करीब एक सप्ताह बाद किए जाने की संभावना जताई गई है।

नामांकन प्रक्रिया 29 और 30 अप्रैल के साथ 2 मई तक (दोपहर 3 बजे तक) चलेगी। इसके बाद 4 मई को सुबह 10 बजे से नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 6 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक अपने नाम वापस ले सकेंगे, और उसी दिन चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।

चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि मतदान केंद्रों की सूची 29 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी। 17 मई को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा। नगर पंचायत और नगर परिषदों में उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि चारों नगर निगमों की मतगणना 31 मई को होगी।

चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं और मतदाताओं के बीच पहुंच बनानी शुरू कर दी है। यह चुनाव शहरी क्षेत्रों में विकास की दिशा और नेतृत्व तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

हिमाचल में पंचायत और शहरी निकाय चुनाव का ऐलान
4 नगर निगम सहित 51 शहरी निकायों में होंगे चुनाव
करीब 3600 पंचायतों में चुनी जाएगी ‘छोटी सरकार’



हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों का औपचारिक एलान कर दिया गया है। राजधानी शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में एक साथ ग्रामीण और शहरी दोनों स्तर पर चुनाव करवाए जाएंगे।

घोषणा के अनुसार, राज्य के प्रमुख शहरों धर्मशाला, पालमपुर, सोलन और मंडी में नगर निगम चुनाव होंगे। इसके अलावा प्रदेश के कुल 51 शहरी निकायों में चुनाव कराए जाएंगे, जिनमें 4 नगर निगम और 25 नगर परिषद शामिल हैं।

वहीं दूसरी ओर, ग्रामीण स्तर पर भी लोकतंत्र का बड़ा पर्व होने जा रहा है। प्रदेश की करीब 3600 पंचायतों में ‘छोटी सरकार’ के चुनाव होंगे, जहां पंचायत प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा। इन चुनावों के जरिए गांवों में विकास की दिशा तय होगी और स्थानीय नेतृत्व उभरकर सामने आएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावों को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयोग की ओर से मतदाता सूची, मतदान केंद्र, कर्मचारियों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक योजना बनाई गई है। चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिससे सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को तय नियमों का पालन करना होगा।

इन चुनावों को लेकर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उम्मीदवारों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और जनता भी अपने प्रतिनिधियों के चयन को लेकर उत्साहित नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यह चुनाव प्रदेश की राजनीति और विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

चुनाव आयोग के अनुसार इन चुनावों में 1,80,963 पुरुष और 1,79,882 महिला मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वहीं, 1808 युवा मतदाता ऐसे हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। आयोग ने मतदाताओं को सुविधा देते हुए बताया कि वे सारथी ऐप के माध्यम से अपना और अपने परिवार का नाम मतदाता सूची में आसानी से देख सकते हैं।

दूसरी ओर, पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर भी प्रक्रिया जारी है। 27 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी, जिसके बाद पंचायत चुनावों की घोषणा होने की संभावना है। फिलहाल आयोग ने शहरी निकाय चुनावों की ही घोषणा की है, जबकि करीब 3600 पंचायतों में ‘छोटी सरकार’ के चुनाव बाद में घोषित किए जाएंगे।

चुनावों को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आयोग ने प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती बढ़ा दी है। नए आदेशों के तहत डीसी, एसडीएम, बीडीओ और जिला पंचायत अधिकारी बिना अनुमति के अपने जिला मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है, ताकि चुनावी तैयारियों में किसी तरह की ढिलाई न हो।

प्रदेश में चुनावों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जहां एक ओर उम्मीदवार अपनी तैयारियों में जुट गए हैं, वहीं आम जनता भी अपने प्रतिनिधियों के चयन को लेकर उत्साहित नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यह चुनाव प्रदेश के विकास और राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।