➤ महिला आरक्षण बिल गिरने पर डेज़ी ठाकुर का कांग्रेस पर तीखा हमला
➤ कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों से विश्वासघात और वोट बैंक की राजनीति का आरोप
➤ जन आक्रोश महिला पदयात्रा के जरिए सड़कों पर उतरेगी नारी शक्ति
शिमला में 23 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्षा डेज़ी ठाकुर ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े संशोधन विधेयक के गिरने को लोकतंत्र का काला दिन करार देते हुए कहा कि यह घटना भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में नकारात्मक रूप से दर्ज की जाएगी।
डेज़ी ठाकुर ने कहा कि यह अवसर देश की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक हो सकता था, क्योंकि इससे उन्हें नीति निर्माण में भागीदारी और 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार मिलने का मार्ग प्रशस्त होता। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इस मौके को रोककर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया। उन्होंने याद दिलाया कि सितंबर 2023 में पारित हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में इस कानून का श्रेय देश की महिलाओं को दिया था, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया। डेज़ी ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब संसद में बिल गिरा, तब विपक्ष के नेताओं द्वारा जश्न मनाना उनकी मानसिकता को दर्शाता है, जो महिलाओं के अधिकारों के प्रति संवेदनहीनता को उजागर करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखती है। रैलियों में भीड़ बढ़ाने और झंडे उठाने के लिए महिलाओं को आगे किया जाता है, लेकिन जब अधिकार देने की बात आती है तो उन्हें पीछे धकेल दिया जाता है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि वहां केवल कुछ विशेष परिवारों की महिलाओं को ही अवसर मिलता है, जबकि आम महिलाओं को नेतृत्व से दूर रखा जाता है।
इसके विपरीत भाजपा की नीतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई अहम योजनाएं चलाई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया गया है।
डेज़ी ठाकुर ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश बढ़ रहा है और इसी के तहत जन आक्रोश महिला पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इसे केवल विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए जनआंदोलन बताया। अंत में उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अब जाग चुकी है और कांग्रेस के रवैये का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर दिया जाएगा, जो आने वाले समय में कांग्रेस के राजनीतिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है।



