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युवा वैज्ञानिकों को राज्यपाल का संदेश, अनुसंधान से किसानों को बनाएं मजबूत

राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने युवा वैज्ञानिकों को अनुसंधान के लिए किया प्रेरित
कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में वर्चुअल संबोधन
किसानों की आर्थिकी मजबूत करने वाले शोध पर दिया विशेष जोर



पालमपुर स्थित चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर युवा वैज्ञानिकों को अनुसंधान के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों का शोध केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहकर किसानों के खेतों तक पहुंचे, तभी उसका वास्तविक लाभ समाज को मिल सकेगा।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इससे न केवल किसान आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि कृषि उत्पादकता बढ़ने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज के युवा वैज्ञानिकों को ऐसे शोध पर ध्यान देना चाहिए, जो सीधे तौर पर किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समस्याओं के समाधान में सहायक हों।

दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह दिन उनके जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब वे अपनी शिक्षा को व्यवहारिक रूप में लागू करने की नई यात्रा शुरू कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे समाज, राज्य और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएं।

उन्होंने विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां से पढ़े छात्र देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों ने अपनी उपलब्धियों से इसकी प्रासंगिकता को साबित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश की करीब 90 प्रतिशत ग्रामीण आबादी कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर है, जबकि राज्य के लगभग 62 प्रतिशत लोगों को रोजगार इसी क्षेत्र से मिलता है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 9.4 प्रतिशत हिस्सा कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों से आता है, इसलिए इस क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान अनुसंधान उत्कृष्टता, नवाचार और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक है।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि कृषि विश्वविद्यालय भविष्य में भी ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।