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6 मई तक बारिश और बर्फबारी का अलर्ट, चंबा में अचानक टूटा ग्लेशियर

चंबा में सड़क बहाली के दौरान फिर टूटा ग्लेशियर, कर्मचारी बाल-बाल बचे
हिमाचल में 6 मई तक बारिश, बर्फबारी और अंधड़ का अलर्ट
ओलावृष्टि से सेब और गेहूं की फसलों को भारी नुकसान


हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य में 6 मई तक बारिश, बर्फबारी और अंधड़ जारी रहने की संभावना जताई है। इसी बीच चंबा जिले में एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब सड़क बहाली कार्य के दौरान अचानक भारी ग्लेशियर टूटकर सड़क पर आ गिरा

जानकारी के अनुसार, किलाड़ मार्ग पर सतरूंडी के पास कार्थनाला में वीरवार दोपहर करीब 2 बजे लोक निर्माण विभाग की टीम पहले गिरे हिमखंड को हटाने का कार्य कर रही थी। इसी दौरान अचानक दूसरा ग्लेशियर पहाड़ी से टूटकर नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने स्थिति भांपते हुए मशीनरी को तुरंत हटा लिया और सुरक्षित स्थान पर चले गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस घटना के बाद मार्ग एक बार फिर से अवरुद्ध हो गया है और जनजातीय क्षेत्र पांगी का संपर्क चंबा मुख्यालय से कट गया है।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में गुरुवार को मौसम का व्यापक असर देखने को मिला। शिमला, धर्मशाला, कुल्लू और ऊना समेत कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई, जबकि रोहतांग और धौलाधार की चोटियों पर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। राजधानी शिमला में दोपहर के समय करीब 15 मिलीमीटर बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई।

बदले मौसम का असर खेती-बागवानी पर भी पड़ा है। ऊपरी शिमला में ओलावृष्टि से सेब की फसल को नुकसान पहुंचा है, वहीं मैदानी इलाकों में गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। तेज हवाओं के कारण बगीचों में लगाए गए एंटी हेलनेट उखड़कर दूर जा गिरे, जिससे पौधों को भी नुकसान हुआ है।

प्रदेश में अधिकतम तापमान में करीब 8 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते आने वाले दिनों में भी मौसम खराब बना रहेगा।

इसके अलावा पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे पर भी चूड़ी के पास सड़क का एक हिस्सा धंसकर रावी नदी में समा गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बाद में मार्ग को बहाल कर दिया गया।

आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में प्रदेश में सामान्य से एक फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। जहां कुछ जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई, वहीं बिलासपुर, सोलन और शिमला जैसे जिलों में औसत से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।

कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आने वाले कुछ दिनों तक लोगों के लिए चुनौती बना रह सकता है, ऐसे में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।