➤ हिमाचल के शहरी निकाय चुनाव में प्रचार थमा, 48 घंटे का ड्राई-डे लागू
➤ रैली, जनसभा, टीवी-अखबार विज्ञापन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रोक
➤ 51 शहरी निकायों में 1147 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 17 मई को
हिमाचल प्रदेश में चार नगर निगम समेत 51 शहरी नगर निकायों के चुनाव को लेकर चुनाव प्रचार पूरी तरह थम गया है। शुक्रवार दोपहर तीन बजे के बाद सभी राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक प्रचार पर रोक लागू हो गई। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में अगले 48 घंटे तक ड्राई-डे भी लागू कर दिया गया है। इस दौरान शराब ठेके और बीयर बार बंद रहेंगे। प्रशासन ने इन्हें 17 मई की दोपहर तीन बजे तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद अब उम्मीदवार केवल वन-टू-वन संपर्क अभियान ही चला सकेंगे। किसी भी प्रत्याशी को रैली, जनसभा, जुलूस या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा सिनेमा, टेलीविजन, अखबार या अन्य माध्यमों से चुनावी विज्ञापन देने पर भी रोक लगा दी गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले सभी सार्वजनिक चुनावी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। संगीत कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन या मनोरंजन कार्यक्रमों के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की भी अनुमति नहीं होगी। आयोग ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए सभी प्रतिबंधों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हाल ही में बार काउंसिल चुनाव में वोट डाल चुके अधिवक्ताओं को नगर निकाय चुनाव में मतदान से नहीं रोका जाएगा। जिन वकीलों की उंगलियों पर पहले से अमिट स्याही लगी है, उन्हें अपना अधिवक्ता परिचय पत्र दिखाने पर वोट डालने की अनुमति दी जाएगी।
चुनाव आयोग के अनुसार शनिवार को सभी पोलिंग पार्टियों को ईवीएम मशीनें और चुनाव सामग्री सौंप दी जाएगी। सभी मतदान दलों को शाम तक मतदान केंद्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि 17 मई को सुबह सात बजे से मतदान प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके।
प्रदेश के 51 शहरी निकायों में 17 मई को सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा। नगर परिषद और नगर पंचायतों में मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना शुरू कर दी जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। हालांकि सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगमों के परिणामों के लिए 31 मई तक इंतजार करना होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक 439 पदों के लिए 1147 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनके भाग्य का फैसला प्रदेश के 3 लाख 80 हजार मतदाता करेंगे। इनमें 1,80,963 पुरुष, 1,79,882 महिला और 14 अन्य मतदाता शामिल हैं।
इस बार नगर निगम चुनाव पार्टी चिन्ह पर हो रहे हैं, इसलिए कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए यह चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक इन चुनावों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले का सेमीफाइनल मान रहे हैं।
राज्य के कई निकायों में कुछ पार्षद निर्विरोध भी चुने गए हैं। इनमें नगर पंचायत करसोग, ज्वालामुखी, बंजार, रिवाल्सर, नेरवा और चिड़गांव के कुछ वार्ड शामिल हैं।



