Follow Us:

हिमाचल पंचायत चुनाव: कुनिहार में दो बैलेट पेपर गायब, आठ कर्मचारियों पर एफआईआर

➤ कुनिहार में पंचायत चुनाव के बैलेट पेपर लेखन के दौरान दो मतपत्र गायब होने से मचा हड़कंप

➤ प्रशासन ने एआरओ समेत आठ कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज करवाई एफआईआर

➤ चुनाव ड्यूटी से हटाए गए सभी कर्मचारी, मामले की जांच शुरू


हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले सोलन जिले के कुनिहार विकास खंड में बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। पंचायत चुनावों के लिए चल रहे बैलेट पेपर लेखन कार्य के दौरान दो बैलेट पेपर गायब होने से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आठ कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस थाना कुनिहार में मामला दर्ज करवा दिया है।

जानकारी के अनुसार विकास खंड कुनिहार में पंचायत खनलग के वार्ड नंबर-4 के लिए जारी किए गए दो बैलेट पेपर जांच के दौरान गायब पाए गए। शिकायत के मुताबिक पंचायत के लिए बैलेट पेपर क्रम संख्या 5265516 से 5265670 तक जारी किए गए थे, लेकिन जांच में क्रम संख्या 5265669 और 5265670 के दो मतपत्र नहीं मिले।

बताया जा रहा है कि 16 मई से विकास खंड मुख्यालय कुनिहार में पंचायत चुनाव के लिए बैलेट पेपर लेखन कार्य शुरू किया गया था। इस दौरान विभिन्न पंचायतों के लिए सहायक रिटर्निंग अधिकारियों और कर्मचारियों को बैलेट पेपर वितरण और लेखन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

खंड विकास अधिकारी एवं रिटर्निंग अधिकारी पंचायत कुनिहार तन्मय कंवर की ओर से पुलिस को भेजी शिकायत में कहा गया है कि बैलेट पेपर आवंटन टीम द्वारा जांच के दौरान दो मतपत्र कम पाए गए। इसके बाद तुरंत उच्च अधिकारियों को मामले की सूचना दी गई।

मामले के सामने आते ही प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) समेत आठ कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने का निर्णय लिया। साथ ही सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से चुनाव ड्यूटी से हटा दिया गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कारण मामले में तुरंत कार्रवाई की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बैलेट पेपर आखिर कहां और कैसे गायब हुए।

इस घटना के बाद चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों में भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है। पंचायत चुनावों से ठीक पहले सामने आए इस मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।