➤ प्रधानों और उपप्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह के लिए सरकार ने मंत्रियों की लगाई ड्यूटी
➤ कांगड़ा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू दिलाएंगे शपथ
➤ विक्रमादित्य सिंह को छोड़ सभी मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी
हिमाचल प्रदेश में हाल ही में निर्वाचित हुए ग्राम पंचायतों के प्रधानों और उपप्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर राज्य सरकार ने मंत्रियों की ड्यूटी तय कर दी है। पंचायती राज विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 15 जून 2026 को जिला स्तर पर आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोहों में मुख्यमंत्री सहित राज्य मंत्रिमंडल के अधिकांश सदस्य शामिल होंगे और नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शपथ दिलाएंगे।
सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार कांगड़ा जिला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू स्वयं मौजूद रहेंगे और जिले के नव निर्वाचित प्रधानों एवं उपप्रधानों को शपथ दिलाएंगे। वहीं अन्य जिलों में अलग-अलग मंत्रियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। खास बात यह है कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का नाम इस सूची में शामिल नहीं है, जबकि मंत्रिमंडल के लगभग सभी अन्य सदस्यों को किसी न किसी जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
अधिसूचना के मुताबिक चंबा में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, ऊना में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, सोलन में स्वास्थ्य एवं श्रम मंत्री धनीराम शांडिल, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के लिए कृषि मंत्री चंद्र कुमार, सिरमौर में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, किन्नौर में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी तथा शिमला में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ दिलाएंगे।
इसी प्रकार मंडी में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, बिलासपुर में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और हमीरपुर में आयुष एवं युवा सेवाएं मंत्री यादविंदर गोमा शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य भूमिका निभाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संबंधित जिलों के सभी नव निर्वाचित प्रधान और उपप्रधान इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस अधिसूचना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंचायत चुनावों के बाद पहली बार प्रदेश सरकार जिला स्तर पर बड़े पैमाने पर निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित करेगी। शपथ ग्रहण समारोहों के माध्यम से सरकार ग्रामीण विकास, पंचायत सशक्तिकरण और स्थानीय प्रशासन को लेकर अपने संदेश को भी जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।
इस बीच राजनीतिक गलियारों में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का नाम सूची में न होने को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि सरकार या विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। फिलहाल 15 जून को होने वाले इन समारोहों पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।



