➤ दवा कारोबार बढ़ाने के नाम पर आठ चेक से 36.70 लाख लेने का आरोप
➤ 13.10 लाख लौटाए, 23.60 लाख रुपये अभी बकाया बताए गए
➤ शिकायत पर BNS की धाराओं में केस, पुलिस ने जांच शुरू की
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी से 36.70 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार दवा कारोबार के विस्तार के नाम पर एक कारोबारी ने सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी से अलग-अलग तारीखों में आठ चेक के माध्यम से कुल 36.70 लाख रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बाद पूरी राशि वापस नहीं की गई। अब तक आरोपी की ओर से 13.10 लाख रुपये लौटाए गए हैं, जबकि 23.60 लाख रुपये बकाया बताए गए हैं। शिकायतकर्ता ने रकम वापस मांगने पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद छोटा शिमला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 351(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
परिचित के माध्यम से हुई थी कारोबारी से मुलाकात
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार नवंबर 2024 में एक परिचित के माध्यम से सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की मुलाकात सुनील कुमार नामक व्यक्ति से हुई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि सुनील कुमार ने खुद को दवाइयों का कारोबार करने वाला कारोबारी बताया था।
आरोप के अनुसार कारोबारी ने अपने दवा कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद की जरूरत बताई। उसने कारोबार के विस्तार के लिए रकम की आवश्यकता होने की बात कही। शिकायतकर्ता के अनुसार कारोबारी की बातों पर भरोसा होने के बाद उन्होंने आर्थिक मदद करने का फैसला किया।
आठ चेक के जरिए दिए गए 36.70 लाख रुपये
शिकायत में कहा गया है कि सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी ने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद मिली रकम और जीवनभर की बचत में से पैसा देने का निर्णय लिया। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में आठ चेक के माध्यम से कुल 36.70 लाख रुपये दिए गए।
शिकायतकर्ता के अनुसार रकम कारोबारी को कारोबार के विस्तार के उद्देश्य से दी गई थी। बाद में जब रकम वापस करने का समय आया तो पूरी राशि वापस नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए बयान में लेनदेन से संबंधित परिस्थितियों और रकम वापस नहीं मिलने की जानकारी दी है।
36.70 लाख में से 13.10 लाख ही लौटाने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक कुल 36.70 लाख रुपये में से आरोपी ने अब तक 13.10 लाख रुपये वापस किए हैं। इसके बावजूद 23.60 लाख रुपये की राशि अभी भी बकाया बताई जा रही है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी पूरी रकम वापस नहीं मिली। रकम की वापसी को लेकर कथित तौर पर आनाकानी की गई। इसी दौरान शिकायतकर्ता ने पुलिस के समक्ष मामले की शिकायत दर्ज कराई।
मकान निर्माण के लिए होम लोन लेने की बात
शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि रकम वापस नहीं मिलने के कारण उसे पंजाब के मोहाली में मकान निर्माण के लिए होम लोन लेना पड़ा। शिकायत के अनुसार अपनी रकम वापस नहीं मिलने से उसे आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि रकम वापस मांगने के दौरान उसे कथित तौर पर धमकी दी गई। इस आरोप को भी पुलिस ने मामले की जांच के दायरे में रखा है।
BNS की धाराओं में दर्ज हुआ मामला
मामला सामने आने के बाद छोटा शिमला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान पुलिस लेनदेन से जुड़े चेक, भुगतान और वापसी की रकम से संबंधित रिकॉर्ड, शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच हुई बातचीत तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सकती है।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप शिकायत और पुलिस जांच का विषय हैं। आरोपी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।



