➤ चश्मा लगाए भारी-भरकम व्यक्ति को मारने की मिली थी सुपारी
➤ गलत पहचान में कैशियर जानकी दास को मारी गई गोलियां
➤ जम्मू के शूटरों से पूछताछ में हत्याकांड का बड़ा खुलासा
चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जम्मू से गिरफ्तार किए गए दो शूटरों से पूछताछ में सामने आया है कि उन्हें एक चश्मा लगाए भारी-भरकम व्यक्ति को निशाना बनाने की सुपारी दी गई थी। लेकिन गलत पहचान के कारण कैशियर जानकी दास उनकी गोलियों का शिकार बन गए।
पुलिस के अनुसार, शूटरों को टारगेट की पहचान के लिए केवल उसका हुलिया बताया गया था। उन्हें निर्देश दिए गए थे कि वारदात के दौरान या मौके से किसी भी प्रकार का फोन कॉल नहीं करना है, ताकि पुलिस की नजर में आने का खतरा न रहे।
जांच में सामने आया है कि आरोपी वारदात से पहले सेक्टर-11 में मौजूद कुमार नाम से चल रही कई मेडिकल दुकानों पर गए थे। वे लगातार ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रहे थे जो उन्हें बताए गए हुलिए से मेल खाता हो। कई दुकानों में तलाश के बाद वे श्री कुमार केमिस्ट पहुंचे, जहां काउंटर पर बैठे जानकी दास उन्हें बताए गए हुलिए के अनुरूप दिखाई दिए।
इसके बाद आरोपियों ने तुर्किये निर्मित जिगाना पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। चश्मदीदों और फोरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ ही सेकेंड में कई राउंड गोलियां चलाकर आरोपी मौके से फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज में आरोपी वारदात से पहले अलग-अलग दुकानों के बाहर रेकी करते और लोगों को ध्यान से देखते नजर आए हैं। एक वीडियो में वे दूसरी केमिस्ट शॉप के बाहर भी दिखाई दिए, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे लगातार अपने असली टारगेट की तलाश कर रहे थे।
पुलिस को आशंका है कि शूटर किसी हैंडलर के संपर्क में थे और उन्हें मौके पर किसी स्थानीय व्यक्ति से भी संकेत मिल सकते थे। इसी कड़ी की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) कर रही है।
एसआईटी रंगदारी, कारोबारी रंजिश, गैंगस्टर नेटवर्क और गलत पहचान समेत सभी संभावित पहलुओं की समानांतर जांच कर रही है। गिरफ्तार शूटर सन्नी मेहरा और आर्यन शर्मा से पूछताछ के बाद उनके पंजाब, चंडीगढ़, मोहाली, खरड़ और जम्मू-कश्मीर नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने वाले तीनों शूटर जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। चंडीगढ़ में किसी संगठित हत्या के लिए जम्मू के शूटरों के इस्तेमाल का यह पहला मामला माना जा रहा है। पुलिस को शक है कि हत्या की पूरी साजिश पंजाब में रची गई और वहीं से पूरे ऑपरेशन को संचालित किया गया।



