Follow Us:

हिमाचल में बुधवार रात 12 बजे से थम सकते हैं HRTC बसों के पहिए!

HRTC कर्मचारियों ने बुधवार रात 12 बजे से चक्का जाम का किया ऐलान

सरकार के साथ वार्ता बेनतीजा, DA और नाइट ओवरटाइम भुगतान पर अड़े कर्मचारी

ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रभावित होगी बस सेवा


शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी बस सेवाएं बुधवार रात 12 बजे से पूरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों ने सरकार के साथ हुई वार्ता विफल रहने के बाद बसों का चक्का जाम करने का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी लंबित वित्तीय मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती तो प्रदेशभर में बसों के पहिए थम जाएंगे।

हड़ताल की घोषणा से पहले HRTC कर्मचारियों और सरकार के बीच अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन आरडी नजीम के साथ बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से रखा, लेकिन दोनों पक्षों के बीच किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कर्मचारियों ने शिमला के पुराने बस अड्डे पर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आंदोलन को तेज करने का संकेत दिया।

HRTC कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनके वित्तीय लाभ लंबित पड़े हुए हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नाइट ओवरटाइम का भुगतान, महंगाई भत्ते (DA) की लंबित किश्तों की अदायगी और मेडिकल बिलों का भुगतान शामिल है। उनका आरोप है कि सरकार लगातार आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक इन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

कर्मचारियों का कहना है कि विभिन्न मदों में करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि अब कर्मचारी संगठन आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं।

उधर, HRTC कर्मचारियों के आंदोलन को पेंशनरों और अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी परिषद ने भी सरकार से लंबित देयों का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनरों के वैध वित्तीय अधिकारों को लंबे समय तक रोके रखना उचित नहीं है।

हालांकि कर्मचारियों की चेतावनी के बाद सरकार ने कुछ राहत देने का प्रयास किया है। सरकार ने मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए 20 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इस राशि से मार्च 2026 तक लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान किया जाएगा। इससे करीब 11 हजार कार्यरत कर्मचारियों और लगभग 8 हजार पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

इसके बावजूद कर्मचारी संगठन अपनी अन्य प्रमुख मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। यदि अंतिम समय में कोई समाधान नहीं निकलता तो बुधवार रात 12 बजे के बाद प्रदेशभर में HRTC बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसका सबसे अधिक असर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों पर पड़ेगा, जहां सार्वजनिक परिवहन का मुख्य आधार HRTC की बसें ही हैं। ऐसे में लाखों यात्रियों की नजरें अब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली आगामी बातचीत पर टिकी हुई हैं।