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आखिर आ ही गया मानसून… अब हिमाचल में शुरू होगा बारिश का असली दौर, अगले 7 दिन संभलकर!

हिमाचल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक, अगले 2-3 दिन में पूरे प्रदेश को करेगा कवर

7 जुलाई तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

मानसून के बावजूद इस बार पूरे सीजन में सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान



शिमला: हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार मंगलवार को मानसून ने किन्नौर जिले के पूरे क्षेत्र, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के अधिकांश हिस्सों, शिमला और मंडी के कई इलाकों तथा सिरमौर और कांगड़ा के कुछ क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया है। विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और मानसून पूरे प्रदेश में फैल जाएगा। इस वर्ष मानसून ने प्रदेश में सामान्य तिथि से करीब पांच दिन और पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दस दिन की देरी से दस्तक दी है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहने की संभावना है। 30 जून को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 1 जुलाई और 5 जुलाई को कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 2, 3, 6 और 7 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। ऐसे में लोगों और पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। गोहर में 55 मिलीमीटर, मंडी में 45.6 मिलीमीटर, बरठीं में 42.6 मिलीमीटर, रायपुर मैदान में 41 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 31.4 मिलीमीटर, कांगड़ा में 30.8 मिलीमीटर और बग्गी में 24 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से कई क्षेत्रों में तापमान में गिरावट महसूस की गई है।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट और येलो अलर्ट जारी किया है। 2 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। 3 जुलाई को ऊना, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर तथा 4 जुलाई को कांगड़ा, मंडी और शिमला जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा 1 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी, 2 जुलाई को चंबा, मंडी और सिरमौर, 3 जुलाई को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और सोलन तथा 4 जुलाई को ऊना, हमीरपुर और कुल्लू जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। विभाग ने नदी-नालों के किनारे न जाने और पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

बारिश के चलते प्रदेश के मौसम में भी बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले तीन से चार दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। वहीं अधिकतम तापमान में भी 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

हालांकि मानसून की शुरुआत होने के बावजूद पूरे सीजन को लेकर मौसम विभाग का पूर्वानुमान राहत देने वाला नहीं है। विभाग का कहना है कि जून से सितंबर तक चलने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दीर्घावधि औसत से कम बारिश होने की संभावना है। केवल किन्नौर के कुछ क्षेत्रों, लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों तथा चंबा के उत्तरी इलाकों में सामान्य वर्षा होने का अनुमान है। प्रदेश के लिए मानसून की सामान्य वर्षा 734.4 मिलीमीटर मानी जाती है।

मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले वर्ष यानी 2025 में मानसून ने 20 जून को प्रदेश में प्रवेश किया था और 24 जून तक पूरे राज्य में फैल गया था। पिछले 29 वर्षों में सबसे जल्दी मानसून 9 जून 2000 को पहुंचा था, जबकि सबसे देर से 5 जुलाई 2010 को दस्तक दी थी। वर्ष 2025 में प्रदेश में सामान्य 734.4 मिलीमीटर के मुकाबले 1022.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, जो सामान्य से 39 प्रतिशत अधिक थी। यह पिछले 125 वर्षों की 15वीं सबसे अधिक तथा पिछले 29 वर्षों की सर्वाधिक मानसूनी वर्षा रही थी।