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सोलन नगर निगम में भाजपा का कब्जा, सुषमा शर्मा बनीं मेयर, गौरव राजपूत बने डिप्टी मेयर

सोलन नगर निगम में भाजपा का कब्जा, सुषमा शर्मा बनीं मेयर
गौरव राजपूत चुने गए डिप्टी मेयर, दोनों को मिले 11-11 वोट
जीत के बाद भाजपा का विजय जुलूस, कांग्रेस सरकार पर बिंदल का बड़ा हमला


हिमाचल प्रदेश के सोलन नगर निगम में आखिरकार भाजपा ने मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों पर जीत दर्ज कर अपना परचम लहरा दिया। सुषमा शर्मा नगर निगम की नई मेयर चुनी गई हैं, जबकि गौरव राजपूत ने डिप्टी मेयर पद पर जीत हासिल की। दोनों भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को 11-11 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवारों को 7-7 मत प्राप्त हुए। जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर में विजय जुलूस निकालकर जश्न मनाया। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर चुनाव प्रभावित करने और तानाशाही रवैया अपनाने के आरोप लगाए।

मेयर पद के लिए भाजपा ने लगातार चौथी बार पार्षद चुनी गईं सुषमा शर्मा को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया था। कांग्रेस ने मीनाक्षी को मैदान में उतारा, लेकिन मतदान में सुषमा शर्मा को 11 वोट मिले, जबकि मीनाक्षी को 7 मतों से संतोष करना पड़ा। इसी तरह डिप्टी मेयर पद पर भाजपा समर्थित गौरव राजपूत को भी 11 वोट मिले और कांग्रेस प्रत्याशी को 7 वोट प्राप्त हुए।

गौरतलब है कि 17 मई को हुए नगर निकाय चुनावों के परिणाम 31 मई को घोषित किए गए थे। सोलन नगर निगम की 17 सीटों में भाजपा ने 10, कांग्रेस ने 6 और 1 निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। बाद में स्थानीय विधायक के वोट सहित भाजपा का आंकड़ा 11 तक पहुंच गया।

डिप्टी मेयर बने गौरव राजपूत पहले भाजपा के मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। इस बार पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस को उम्मीद थी कि गौरव राजपूत उसके पक्ष में आ सकते हैं, लेकिन भाजपा उन्हें अपने साथ बनाए रखने में सफल रही। इसके चलते भाजपा ने नगर निगम में दोनों शीर्ष पदों पर कब्जा जमा लिया।

चुनाव के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव जीतने के लिए हरसंभव प्रयास किया और भाजपा के दो पार्षदों को अयोग्य ठहराने की कोशिश की गई। बिंदल का आरोप था कि पार्षदों को नोटिस देकर डराया और दबाव बनाया गया, लेकिन जनता के जनादेश के सामने कांग्रेस की रणनीति विफल हो गई। उन्होंने स्थानीय विधायक एवं मंत्री धनीराम शांडिल से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी की।

भाजपा विधायक एवं सोलन नगर निगम चुनाव प्रभारी बलवीर वर्मा ने भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव टालने के लिए बार-बार नियमों और कानूनों में बदलाव किए गए। उन्होंने कहा कि 11 पार्षदों ने लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा के पक्ष में मतदान कर कांग्रेस सरकार को करारा जवाब दिया है।

भाजपा की इस जीत को मंडी और धर्मशाला के बाद प्रदेश के शहरी निकायों में पार्टी की एक और बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस के लिए यह परिणाम राजनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है।