➤ 12 से 16 जुलाई तक प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
➤ मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा में कहीं-कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान
➤ गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 किमी प्रति घंटा तक तेज हवाओं की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर अगले कई दिनों तक बना रहने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 12 से 16 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जिलों के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जिससे कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
12 जुलाई को मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। ऐसे में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के मैदानी, मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग दिनों में बारिश का दौर जारी रहेगा। 17 और 18 जुलाई को भी कई स्थानों पर वर्षा की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। इससे साफ है कि फिलहाल मानसून की सक्रियता में कमी आने के कोई संकेत नहीं हैं।
बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। जोगिंद्रनगर में सर्वाधिक 6 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मनाली में 5 सेंटीमीटर, सराहन में 4 सेंटीमीटर, रोहड़ू में 3 सेंटीमीटर और शिमला में 2 सेंटीमीटर बारिश हुई। तापमान की बात करें तो सुंदरनगर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में भूस्खलन, जलभराव, फिसलन भरी सड़कें, कम दृश्यता और यातायात बाधित होने जैसी संभावित परिस्थितियों को लेकर चेतावनी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों से दूर रहें, खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।



