➤ अंबाला रिंग रोड परियोजना का 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
➤ पांच नेशनल हाईवे आपस में जुड़ेंगे, जाम से मिलेगी राहत
➤ 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे परियोजना का शुभारंभ
हरियाणा के अंबाला में निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार परियोजना का करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। रिंग रोड के शुरू होने के बाद पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम होगी।
करीब 40 किलोमीटर लंबे फोरलेन रिंग रोड का निर्माण लगभग 691 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसकी भूमि का अधिग्रहण सिक्स लेन विस्तार के अनुरूप किया गया है। इस परियोजना के लिए 30 गांवों की 657 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई, जिसमें पंजाब के तीन गांव भी शामिल हैं। परियोजना का कार्य अक्तूबर 2023 में शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस रिंग रोड की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह क्षेत्र के पांच प्रमुख नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ेगा। जगाधरी, अमृतसर, हिसार, शामली और अन्य मार्गों की ओर जाने वाले वाहन अब बिना शहर के भीतर प्रवेश किए सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे अंबाला शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और व्यापारिक वाहनों का समय एवं ईंधन दोनों की बचत होगी।
परियोजना के तहत टांगरी नदी पर दो बड़े और दो छोटे पुल, दो रेलवे ओवरब्रिज, तीन फ्लाईओवर, एक इंटरचेंज, 13 आवागमन पॉइंट, सात व्हीकुलर अंडरपास तथा 82 पुलियों का निर्माण किया गया है। स्थानीय यातायात की सुविधा के लिए लगभग 29.029 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी तैयार की गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुभारंभ किए जाने की संभावना है। परियोजना शुरू होने के बाद हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क और अधिक मजबूत होगा तथा क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।



